Bihar Crime : मोतिहारी में हाइटेक 'ATM चोर गिरोह' का पर्दाफाश, फास्टैग की मदद से सुलझा 37 लाख की चोरी का मामला, पुलिस ने 2 अंतरराज्यीय अपराधी को किया गिरफ्तार
Bihar Crime : पुलिस ने फ़ास्ट टैंग से राजस्थान और हैदराबाद में छापेमारी कर ATM चोर गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.......पढ़िए आगे
MOTIHARI : बिहार के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले में एक बेहद शातिर और हाइटेक अंतरराज्यीय एटीएम चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के कुशल निर्देशन में गठित एसआईटी (SIT) टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लेते हुए, चोरी की वारदात में इस्तेमाल कार के 'फास्टैग' (FASTag) की मदद से पूरे मामले का सफल उद्भेदन कर दिया है। दरअसल, चेन्नई स्थित 'हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के अधिकृत अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने रघुनाथपुर थाने में इस संबंध में लिखित आवेदन दिया था। जिसके आधार पर पुलिस ने रघुनाथपुर थाना कांड संख्या-148/26 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
थाने के पास ही अलार्म और सीसीटीवी को कटर से काटकर उड़ाए थे 37.36 लाख
यह दुस्साहसिक वारदात बीते 29 अप्रैल 2026 की रात (सुबह 01:00 से 03:00 बजे के बीच) हुई थी। शातिर चोरों ने रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेन रोड बस स्टैंड के पास स्थित एसबीआई (SBI) के एक एटीएम को अपना निशाना बनाया था। अपराधियों ने बेहद चालाकी से एटीएम के सुरक्षा अलार्म और सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद गैस कटर की मदद से एटीएम मशीन को काटकर उसके भीतर रखे कुल ₹37,36,100 (सैंतीस लाख छत्तीस हजार एक सौ रुपये) नकद उड़ा लिए थे। थाना क्षेत्र के ठीक पास हुई इस घटना से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे।
एसपी स्वर्ण प्रभात का बड़ा एक्शन: गश्ती दल सस्पेंड, डीएसपी के नेतृत्व में बनी SIT
थाने की नाक के नीचे हुई इतनी बड़ी चोरी की घटना को मोतिहारी के पुलिस कप्तान (SP) स्वर्ण प्रभात ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन पुलिस गश्ती टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया। इसके साथ ही, घटना के त्वरित खुलासे के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-01, मोतिहारी) और अरेराज डीएसपी के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने जब वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया, तो उन्हें घटनास्थल के रूट पर दौड़ती एक संदिग्ध सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर (Swift Dzire) कार का सुराग मिला।
राजस्थान और हरियाणा में छापेमारी, दो मुख्य सरगना गिरफ्तार
कार के सुराग के बाद पुलिस ने गाड़ी में लगे 'फास्टैग' (FASTag) के मूवमेंट और डेटा को खंगालना शुरू किया। इसके जरिए चोरों का लोकेशन राजस्थान और हरियाणा के नूंह (मेवात) इलाके में मिला। एसआईटी ने बिना वक्त गंवाए इन राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की और गिरोह के दो मुख्य अभियुक्तों को दबोच लिया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान साहिल, पिता- असरूद्दीन, निवासी- ओहता, थाना- पिनगवा, जिला- नूंह (हरियाणा) और जुहुर खाँ, पिता- कलीला खाँ, निवासी- गोवालदा, थाना- चौपांगो, जिला- खैरतल (राजस्थान) के रूप में हुई है।
गैस कटर और कार की नंबर प्लेट बरामद, बिहार के कई जिलों में की है वारदात
पुलिस ने गिरफ्तार चोरों की निशानदेही पर मुख्य अभियुक्त के घर से घटना में इस्तेमाल सफेद स्विफ्ट डिजायर कार की नंबर प्लेट बरामद कर ली है, जो फास्टैग से जुड़ी थी। इसके अलावा पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त पीतल का बना गैस कटर नोजल, लाल और नीले रंग की रबर पाइप भी जब्त की है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में इन अंतरराज्यीय अपराधियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि वे एक संगठित गिरोह चलाते हैं और बिहार के कई अन्य जिलों में भी इसी तरह गैस कटर से एटीएम काटने की बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
हिमांशु की रिपोर्ट