Bihar News : पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता दंपति का सड़क हादसे में निधन, गुलबी घाट पर मासूम बेटे ने दी माता-पिता को मुखाग्नि

PATNA : पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजय ठाकुर के पुत्र ऋत्विक ठाकुर और पुत्रवधू वैष्णवी ठाकुर की पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, होली की छुट्टियां बिताकर यह दंपति अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से सिलीगुड़ी से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग 31 पर गुंजरिया पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में वैष्णवी ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऋत्विक ठाकुर ने पूर्णिया ले जाने के क्रम में रास्ते में दम तोड़ दिया।

मासूम बच्चों और स्टाफ की बची जान

इस दर्दनाक हादसे के वक्त गाड़ी में दंपति के दो मासूम बच्चे, उनकी नौकरानी और ड्राइवर भी सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए, जिसमें सवार ये चारों लोग भी घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए पूर्णिया ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है, जिससे कानूनी गलियारे और उनके पैतृक निवास पर शोक की लहर दौड़ गई है।

चार साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

सोमवार को पटना के गुलबी घाट पर एक अत्यंत भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब अधिवक्ता दंपति के महज चार साल के मासूम पुत्र ने अपने माता और पिता को मुखाग्नि दी। छोटे से बच्चे को अपने माता-पिता का अंतिम संस्कार करते देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। बाद में मृतक ऋत्विक ठाकुर के चचेरे भाई ने अंतिम संस्कार की शेष प्रक्रियाओं को पूरा किया। पटना के गुलबी घाट पर भारी संख्या में लोग इस दुखद घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे।

न्यायिक जगत के दिग्गज हुए शामिल

वरिष्ठ अधिवक्ता अजय ठाकुर के आवास पर पार्थिव शरीर पहुंचते ही जजों और वकीलों का तांता लग गया। अंतिम संस्कार के समय गुलबी घाट पर जस्टिस पार्थ सारथी, जस्टिस सत्यव्रत वर्मा, जस्टिस अंशुल, राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एस. कुमार और जस्टिस राकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेन्द्र पांडे ने भी अजय ठाकुर के आवास पर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दी। हाई कोर्ट के तमाम वरिष्ठ अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों ने इस क्षति को अपूरणीय बताया है।

कानूनी जगत में शोक का माहौल

ऋत्विक और वैष्णवी दोनों ही पटना हाई कोर्ट में वकालत के पेशे से जुड़े थे और मिलनसार स्वभाव के कारण सहयोगियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनकी अचानक मृत्यु से बार और बेंच दोनों ही स्तब्ध हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पटना हाई कोर्ट के युवा और प्रतिभाशाली चेहरों का असमय चले जाना पूरे कानूनी समाज के लिए बड़ा नुकसान है। शोक संतप्त परिवार के प्रति पूरे प्रदेश से संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।