नीट छात्रा मौत केस में पिता की याचिका को पटना हाईकोर्ट ने किया खारिज, कोई भी आदेश देने से किया इनकार

पटना हाईकोर्ट ने नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पीड़ित परिवार की याचिका को निष्पादित कर दिया है। साथ ही किसी प्रकार के दखल से भी इनकार कर दिया है।

Patna :  पटना हाईकोर्ट ने नीट की तैयारी कर रही छात्रा के पिता की ओर से दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई की।जस्टिस अरुण कुमार झा ने आपराधिक  रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए मामलें को यह कह कर निष्पादित कर दिया कि  इस मामलें जाँच का जिम्मा सीबीआई को बिहार सरकार ने सौंप दिया। कोर्ट ने ये कहा कि  यदि  सीबीआई की जांच में कोई कमी नजर आये,तो याचिकाकर्ता पुनः कोर्ट में  आ सकता है।  इससे पूर्व इस केस पर जल्द सुनवाई करने की गुहार जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ से लगाई गई थी ।आज कोर्ट ने इस मामलें पर सुनवाई की। 

जहानाबाद की रहने वाली नीट परीक्षा की तैयारी कर रही मृत छात्रा के पिता ने न्याय के लिए पटना हाईकोर्ट का शरण लिया है।उन्होंने अपने याचिका में  कहा कि  मेरी बेटी की मृत्यु 11 जनवरी,2026 संदेहास्पद ढंग से हुई।उन्होंने बताया कि  इस मामलें की जांच के लिए हर जगह प्रयास किया, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं  हुई। उसकी मृत्यु संदिग्ध स्थिति में हुई।उसकी मौत के लिए जिम्मेवार लोगों को जांच कर सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया,किन्तु कोई परिणाम नही निकला।

उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि  इस मामलें की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट सेवानिवृत जज के निगरानी में हो।यदि सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी इस मामलें की जांच करें। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने इस मामलें की जांच का जिम्मा सीबीआई को दे दिया गया है।सीबीआई द्वारा इस मामलें की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत किया जा सकता है।

इस याचिका में गृह विभाग के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, डीजीपी, पटना के एसपी, चित्रगुप्त नगर के थाना प्रभारी रोशनी कुमारी को प्रतिवादी बनाया गया था।साथ ही शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक श्रवण अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, आंसू अग्रवाल, शंभू गर्ल्स हॉस्टल के वार्डन चंचला, शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मकान मालिक मनीष कुमार को भी प्रतिवादी बनाया गया था ।

डॉ प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल एंव डॉ सतीश, जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं सहज सर्जरी को भी  प्रतिवादी बनाया गया था । इसी मामलें में पटना हाईकोर्ट में एक जनहित भी दायर की गयी।ये जनहित याचिका सुषमा कुमारी की ओर से उनकी अधिवक्ता अलका वर्मा ने दायर की है।

इस जनहित याचिका में  नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई।पुलिस द्वारा जो जाँच की जा रही है,वह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी।इसलिए पटना हाईकोर्ट में ये जनहित याचिका में मांग की गयी विभिन्न हॉस्टलों के सुरक्षा व्यवस्था,विशेष कर महिला होस्टलों की सुरक्षा,वहां के क्रियकलापों और उनके लिए बने प्रावधानों को सख्ती से हाईकोर्ट लागू कराये।

साथ ही इस मामलें की जाँच की निगरानी हाईकोर्ट द्वारा की जाये।इसलिए हाईकोर्ट के प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। 

गौरतलब हैं कि मृत छात्रा जहानाबाद की रहने वाली थी।5जनवरी, 2026 को हॉस्टल में  आयी।6 जनवरी,2026 को उसे बेहोश पाया गया। फिर उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसकी मृत्यु 11जनवरी,2026 को हो गयी।पुलिस ने तो पहले नींद की ओवरडोज दवा लेने का मामला माना । लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इसे बलात्कार और जोर जबरदस्ती के एंगल से पुलिस ने जाँच शुरु किया,लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया ।