Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार, ध्वनि प्रदूषण पर आदेशों के पालन में नाकामी पर जताई नाराजगी

Bihar News : पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और अदालती आदेशों की अनदेखी पर पटना हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है.....पढ़िए आगे

पुलिस अधिकारियों को फटकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राजधानी पटना में ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए कोर्ट आदेशों के पालन में असफल रहने पर पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। याचिकाकर्ता सुरेंद्र प्रसाद  याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस राजीव रॉय ने स्थानीय पुलिस स्टेशनों द्वारा दायर असंतोषजनक कार्रवाईयों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।वरिष्ठ अधिवक्ता अजय इस मामले में एमिकस क्यूरी के रूप में उपस्थित हुए, जबकि सरकारी वकील प्रशांत प्रताप ने राज्य का पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान अदालत ने बुद्धा कॉलोनी, पोठिया (कटिहार) और राजीव नगर के थाना प्रभारियों (SHO) द्वारा प्रस्तुत हलफनामों में बड़ी खामियों की ओर इशारा किया। 

पोठिया (कटिहार) के थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। हालांकि राज्य के वकील प्रशांत प्रताप ने पीठ को आश्वासन दिया कि पोठिया के थाना प्रभारी अदालत के आदेशों का सौ प्रतिशत पालन करेंगे, फिर भी कोर्ट ने अधिकारी को सभी मैरिज हॉलों से लिखित वचनबद्धता लेने और ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बुद्धा कॉलोनी थाना प्रभारी द्वारा दायर हलफनामे पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और नोट किया कि उनके अधिकार क्षेत्र के सभी मैरिज हॉलों से अंडरटेकिंग नहीं ली गई थी।

कोर्ट रूम में मौजूद अधिवक्ताओं द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पीठ ने हॉस्पिटो इंडिया रोड  के पास की स्थिति को रेखांकित किया, जहां बाइकर्स मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करके गंभीर ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। इसके अलावा यह भी बताया गया कि मंदिरी जैसे क्षेत्रों में लोग देर रात तक लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर रहे हैं और स्थानीय पुलिस इस पर कोई रोक नहीं लगा पा रही है। 

इसी तरह की कमियां राजीव नगर के थाना प्रभारी के हलफनामे में भी उजागर की गईं, जहां कोर्ट में मौजूद वकीलों ने देर रात तक मैरिज हॉलों  द्वारा लाउडस्पीकर बजाए जाने का मुद्दा उठाया। पुलिस अधिकारियों को ध्वनि नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने और सभी आयोजन स्थलों से अनिवार्य अंडरटेकिंग लेने का निर्देश देते हुए पटना हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।