पटना जंक्शन की नई पार्किंग में वाहन लगाना यात्रियों को पड़ रहा भारी, इस कारण बदहाल हो गई है व्यवस्था

Patna Junction New Parking: पटना जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई नई पार्किंग व्यवस्था अब खुद परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है।

पटना जंक्शन की नई पार्किंग की बदहाल हुई व्यवस्था- फोटो : social Media

Patna Junction New Parking: पटना जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई नई पार्किंग व्यवस्था अब खुद परेशानी का सबब बनती नजर आ रही है। नई पार्किंग से प्लेटफॉर्म की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहने के कारण यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए लंबा और असुविधाजनक रास्ता तय करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि रास्ता बंद होने के बाद 90 फीसदी से अधिक यात्री मेन पार्किंग में ही वाहन खड़ा कर रहे हैं।नई पार्किंग में वाहन लगाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से आरपीएफ बिल्डिंग के पास एक अलग गेट बनाया गया है। इस रास्ते से यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की तरफ पहुंचने की सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन आरोप है कि यह गेट ज्यादातर समय बंद रहता है। इतना ही नहीं, रास्ते में आरपीएफ के वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यात्रियों के लिए वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है।

नई पार्किंग का मकसद यात्रियों को जंक्शन पर बेहतर और व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। लेकिन प्रवेश और निकास के रास्ते की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण इसका इस्तेमाल सीमित हो गया है। जिन यात्रियों को नई पार्किंग में वाहन खड़ा करना पड़ता है, उन्हें ट्रेन पकड़ने के लिए पुराने पार्किंग क्षेत्र से होकर प्लेटफॉर्म नंबर-1 तक जाना पड़ता है।ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सामान लेकर आने वाले यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों के लिए यह परेशानी और भी बढ़ जाती है। सवाल यह है कि जब नई पार्किंग से सीधे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए गेट बनाया गया है, तो उसे यात्रियों के लिए नियमित रूप से खोला क्यों नहीं जाता?

पटना जंक्शन पर प्रतिदिन 200 से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। इनमें यात्रियों के निजी वाहन के साथ रेलवे कर्मचारियों के वाहन भी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के आने-जाने के बावजूद पार्किंग और यात्रियों की आवाजाही को लेकर प्रभावी व्यवस्था नहीं बन पाना रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।यात्रियों का कहना है कि पार्किंग की समस्या सिर्फ वाहन खड़ा करने तक सीमित नहीं है। असली परेशानी वाहन पार्क करने के बाद प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में हो रही है। नई पार्किंग से सीधे प्लेटफॉर्म तक जाने वाला रास्ता यदि नियमित रूप से खुला रहे और वहां वाहनों की अनधिकृत पार्किंग रोकी जाए, तो यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है।

पटना जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन नई पार्किंग और प्लेटफॉर्म के बीच संपर्क मार्ग बंद रहने से पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन को यह देखने की फुर्सत नहीं है कि जमीनी स्तर पर यात्रियों को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।अब जरूरत है कि रेलवे प्रशासन तत्काल आरपीएफ बिल्डिंग के पास बने गेट को यात्रियों के लिए नियमित रूप से खोले, रास्ते में खड़े वाहनों को हटाए और नई पार्किंग से प्लेटफॉर्म तक सीधा, सुरक्षित और सुगम रास्ता सुनिश्चित करे। वरना यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई नई पार्किंग सिर्फ नाम की व्यवस्था बनकर रह जाएगी।