Patna Junction: पटना जंक्शन का मेकओवर प्लान, 500 करोड़ की लागत से बनेगा मल्टीप्लेक्स हब, मेट्रो कनेक्टिविटी और स्मार्ट पार्किंग से बदलेगी तस्वीर
Patna Junction: जो अब तक यात्रियों की भीड़, अव्यवस्था और जाम की वजह से बदनाम रहा है, जल्द ही नए कलेवर में नजर आएगा।....
Patna Junction: जो अब तक यात्रियों की भीड़, अव्यवस्था और जाम की वजह से बदनाम रहा है, जल्द ही नए कलेवर में नजर आएगा। रेलवे प्रशासन ने जंक्शन की बिल्डिंग को रि-मॉडलिंग कर अत्याधुनिक मल्टीप्लेक्स के रूप में विकसित करने की योजना तैयार कर ली है। इस मेगाप्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सर्वे का काम पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राशि की स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। उम्मीद है कि मार्च महीने में इस पर हरी झंडी मिल जाएगी।
स्वीकृति मिलते ही पहले फेज का काम शुरू होगा, जिसमें जंक्शन परिसर की बाउंड्री का निर्माण किया जाएगा। जंक्शन के चारों ओर करीब 10 फीट ऊंची दीवार बनाई जाएगी, ताकि परिसर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित किया जा सके। 2026-27 के केंद्रीय बजट में पहले चरण के लिए पटना जंक्शन परिसर को बेहतर बनाने का प्रावधान भी किया गया है, जिससे इस योजना को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
इस मेकओवर का सबसे अहम पहलू पटना जंक्शन को मेट्रो स्टेशन से जोड़ना है। मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने के बाद यात्रियों को शहर के विभिन्न इलाकों तक पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी। इससे ऑटो, टैक्सी और बसों पर निर्भरता कम होगी और जंक्शन के बाहर लगने वाले रोज़ाना जाम से भी निजात मिलने की संभावना है। इस योजना को रेलवे और मेट्रो प्रशासन के आपसी समन्वय से लागू किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ पटना जंक्शन ही नहीं, बल्कि दानापुर, पाटलिपुत्र जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल के लिए भी डीपीआर और मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग का मॉडल तैयार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लिए जून तक फंड की स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके साथ ही पटना जंक्शन पर स्मार्ट पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिसमें करीब 2000 वाहनों के पार्क करने की व्यवस्था होगी। फिलहाल पार्किंग की स्थिति बेहद खराब है, लोग जहां-तहां वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे जाम की समस्या पैदा होती है। नई स्मार्ट पार्किंग में बिना अनुमति कोई भी वाहन अंदर प्रवेश नहीं कर सकेगा। गेट पर काउंटर के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट दिखाना अनिवार्य होगा। यही सुविधा पाटलिपुत्र जंक्शन पर भी लागू की जाएगी।
कुल मिलाकर, यह परियोजना पटना जंक्शन को सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि आधुनिक ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह