Patna March: पटना में आज छात्र-युवाओं का लोक भवन मार्च! SIR पर संग्राम, सुबह 11 बजे गांधी मैदान से हल्ला बोल

Patna March: बिहार की राजधानी पटना में आज मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर छात्र-युवा संगठनों के प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।

छात्र-युवाओं का गांधी मैदान से हल्ला बोल- फोटो : social Media

Patna March:  बिहार की राजधानी पटना में आज मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण  को लेकर छात्र-युवा संगठनों के प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन  और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के नेतृत्व में छात्र-युवा लोक भवन मार्च निकालने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग शामिल है। इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, वहीं जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और यातायात बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ता सुबह 11 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास जुटेंगे। इसके बाद लोक भवन की ओर मार्च निकालने की योजना है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगा रहे हैं कि इसके कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।

इस मुद्दे पर माले विधायक संदीप सौरव ने सरकार और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनके आरोपों के मुताबिक, SIR की प्रक्रिया में आपत्तियों के बावजूद आगे बढ़ने का फैसला लिया गया और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रक्रिया की निगरानी में स्थानीय अधिकारियों की भूमिका सीमित कर केंद्रीय स्तर पर टीमों के जरिए काम कराया गया, जिससे निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारणों और प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति का आकलन आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।

प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने प्रदर्शनकारी संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का इस्तेमाल करें।प्रशासन की चेतावनी के मुताबिक, निर्धारित स्थल के बाहर प्रदर्शन करने, यातायात बाधित करने या सार्वजनिक शांति भंग करने की स्थिति में लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में मार्च के दौरान पुलिस की व्यवस्था और यातायात प्रबंधन अहम रहने वाला है।

SIR को लेकर छात्र-युवा संगठनों का विरोध मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और चुनावी प्रक्रिया में भरोसा कायम करने जैसे सवालों को फिर चर्चा में ला रहा है। एक ओर प्रदर्शनकारी कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग कर रहे हैं, वहीं इन आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक दस्तावेजों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को भी देखना जरूरी है।फिलहाल पटना में प्रस्तावित लोक भवन मार्च पर सबकी निगाहें टिकी हैं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है या प्रशासन और आयोजकों के बीच कोई गतिरोध पैदा होता है, यह आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा। आम लोगों के लिए सलाह है कि मार्च के दौरान संभावित यातायात बदलाव को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।