Patna News: मेयर भी नहीं बचीं! पटना निगम ने सीता साहू को भेजा नोटिस, जवाब नहीं देने पर होगी ये कार्रवाई
Patna News: पटना नगर निगम ने आवासीय मकानों में कथित तौर पर बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।..
Patna News: पटना नगर निगम ने आवासीय मकानों में कथित तौर पर बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इस कार्रवाई की जद में अब पटना की मेयर सीता साहू का आवास भी आ गया है। नगर निगम ने उन्हें नोटिस भेजकर निर्धारित समय के भीतर लिखित जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई है। निगम की ओर से शहर के छह अंचलों में आवासीय परिसरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की पहचान की गई है। इसी आधार पर 26,745 मकान मालिकों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निगम का दावा है कि अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को नोटिस दिया जा चुका है और बाकी लोगों तक भी जल्द नोटिस पहुंचा दिया जाएगा।
अजीमाबाद अंचल की टीम ने बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित मेयर सीता साहू के आवास पर नोटिस दिया है। नोटिस में संबंधित पक्ष से निर्धारित अवधि में लिखित जवाब देने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा और नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।यानी पटना नगर निगम की कार्रवाई में पद और राजनीतिक हैसियत के आधार पर कोई अलग छूट नहीं होने का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
नगर निगम ने प्रॉपर्टी आईडी और सेल्फ असेसमेंट से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों की सूची तैयार की है। इसके बाद सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया।नगर निगम ने प्रत्येक वार्ड में रोजाना 100 से अधिक नोटिस भेजने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक सप्ताह के भीतर शेष चिन्हित संपत्ति मालिकों को भी नोटिस दिए जाने की उम्मीद है।सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट के मुताबिक पटना में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल के 26,745 मामले सामने आए थे। इतनी बड़ी संख्या को अदालत ने अधिकारियों की कथित लापरवाही का संकेत माना था। इसके बाद नगर निगम की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ ली है।
नगर निगम की सूची में बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल में सबसे ज्यादा मामले सामने आने की बात कही गई है। मुसल्लहपुर, बाजार समिति, कंकड़बाग, एसकेपुरी, गुलजारबाग, बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, लोदीपुर, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी, दीदारगंज, गुरुगोविंद सिंह पथ, हरमंदिर गली और मारूफगंज समेत कई इलाकों में आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां चिन्हित की गई हैं।
नोटिस भेजने के बाद अब निगम संबंधित भवन मालिकों का पक्ष भी सुनेगा। 19 अगस्त से 10 सितंबर तक अंचलवार सुनवाई होगी। इस दौरान नोटिस पाने वाले लोग अपना जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।यदि जांच और सुनवाई के दौरान भवन मालिक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो निगम सीलिंग और जुर्माने जैसी कार्रवाई कर सकता है।इस पूरी कवायद का मकसद आवासीय संपत्तियों के नियम विरुद्ध व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाना है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई के बीच यह भी महत्वपूर्ण होगा कि निगम हर मामले में भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और संबंधित पक्ष को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देकर ही अंतिम कार्रवाई करे।मेयर के आवास को नोटिस मिलना इस अभियान का सबसे चर्चित पहलू जरूर है, लेकिन असली परीक्षा अब यह होगी कि निगम 26,745 मामलों की जांच कितनी निष्पक्षता और पारदर्शिता से पूरी करता है।