पटना नीट छात्रा मामला: खुद घेरे में और तेवर आसमान पर! डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के संचालक का वीडियो वायरल, बोले- 'जमीन में धंसा देंगे'

पटना के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में मुख्य रूप से सवालों के घेरे में रहे डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. सतीश का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Patna - : राजधानी के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा के साथ हुए अपराध मामले में पटना पुलिस और डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल की भूमिका पहले से ही संदेह के घेरे में है. पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को गुमराह करने के आरोपों का सामना कर रहे अस्पताल के संचालक डॉ. सतीश अब एक वायरल वीडियो के कारण नई मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं. वीडियो में डॉ. सतीश आक्रामक अंदाज में आरोप लगाने वालों को "जमीन में दोष (धंसा) देने" की धमकी दे रहे हैं, जबकि एसआईटी अभी भी इस मामले की गहन जांच कर रही है.

वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप

नीट छात्रा प्रकरण में डॉ. प्रभात मेमोरियल अस्पताल के संचालक डॉ. सतीश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में डॉक्टर सतीश का लहजा बेहद तल्ख और डराने वाला है. वे खुलेआम कह रहे हैं कि जिन लोगों ने उन पर और उनके अस्पताल पर आरोप लगाए हैं, सच सामने आने के बाद वे उन्हें जमीन में धंसा देंगे. जांच के बीच में आया यह बयान पीड़ित परिवार और आम जनता के बीच रोष पैदा कर रहा है.

एसआईटी की पूछताछ और क्लीन चिट का इंतजार

बताते चलें कि इस पूरे मामले में एसआईटी (SIT) की टीम डॉ. सतीश से कई दौर की पूछताछ कर चुकी है. छात्रा का इलाज इसी अस्पताल में चल रहा था और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस ने अब तक अस्पताल को इस मामले में कोई क्लीन चिट नहीं दी है, ऐसे में जांच के घेरे में रहते हुए इस तरह की धमकी भरा वीडियो जारी करना कई सवाल खड़े करता है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई थी किरकिरी

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब पटना के पीएमसीएच (PMCH) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हुई. रिपोर्ट के खुलासे के बाद पटना पुलिस और प्रभात मेमोरियल अस्पताल के दावों की पोल खुल गई थी. आरोप है कि डॉ. सतीश ने पुलिस को गुमराह करने और तथ्यों को छुपाने का प्रयास किया था, जिसके बाद से ही जांच की आंच अस्पताल तक पहुँच चुकी है.

परिजनों के आरोपों से घिरे 'धरती के भगवान'

पीड़ित छात्रा के परिजनों ने शुरुआत से ही इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल के वक्तव्यों पर सवाल उठाए थे. परिजनों का मानना है कि अस्पताल ने छात्रा की स्थिति को लेकर सच छुपाया. जिस डॉक्टर को समाज 'धरती का भगवान' मानता है, उसके द्वारा इस तरह की हिंसक भाषा का प्रयोग करना चिकित्सा जगत की मर्यादा पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहा है.

सोशल मीडिया पर लोग मांग रहे कार्रवाई

डॉ. सतीश का यह धमकी भरा बयान अब आग की तरह फैल चुका है. लोग सोशल मीडिया पर पटना पुलिस से यह मांग कर रहे हैं कि जांच के बीच गवाहों या आरोप लगाने वालों को धमकाने के आरोप में डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए. फिलहाल, पटना पुलिस की अगली कार्रवाई और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं.

Report - anil kumar