'मदर ऑफ ऑल डील्स' से बदलेगी भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की तस्वीर, मर्सिडीज, ऑडी और BMW की कीमतों में 40% तक की गिरावट की उम्मीद; जानें डील के बाद कितने घटेंगे दाम
यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के बाद लग्जरी कारों के शौकीनों के लिए बड़ी खुशखबरी आने वाली है। इस समझौते के तहत इम्पोर्ट टैरिफ में भारी कटौती की तैयारी है, जिससे विदेशी ब्रांड्स की कारें लाखों रुपये सस्ती हो जाए
New Delhi : भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच एक ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते की दहलीज पर खड़ा है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार यूरोप से आने वाली लग्जरी कारों पर लगने वाले 110% इम्पोर्ट टैरिफ को घटाकर 40% तक कर सकती है। मंगलवार को होने वाले भारत-EU समिट में इस डील का ऐलान संभव है, जिसके बाद मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी शानदार कारों की कीमतों में 10 लाख से लेकर 70 लाख रुपये तक की भारी गिरावट आ सकती है।
ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर भारत-EU
यूरोपीय कमीशन की चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर हैं और उम्मीद है कि 27 जनवरी को होने वाले समिट में इस ऐतिहासिक डील की घोषणा हो जाएगी। यह समझौता 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार खोलेगा, जो वैश्विक जीडीपी के लगभग 25% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उर्सुला ने इसे 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' बताते हुए भारत को दुनिया का सबसे गतिशील देश करार दिया है।
इम्पोर्ट ड्यूटी में 110% से 40% तक की कटौती
समझौते के तहत, मोदी सरकार 15 हजार यूरो (करीब 16.3 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों पर तुरंत टैक्स कम करने पर सहमत हुई है। वर्तमान में 70% से 110% तक लगने वाली ड्यूटी को घटाकर 40% किया जाएगा, जो समय के साथ और भी कम होकर 10% तक गिर सकती है। सालाना करीब 2 लाख डीजल-पेट्रोल इंजन वाली कारों को इस ड्यूटी कट का फायदा मिलेगा।
ईवी (EV) निर्माताओं को फिलहाल सुरक्षा
घरेलू कार निर्माताओं जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के हितों की रक्षा के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) को पहले 5 साल के लिए इस ड्यूटी कटौती से बाहर रखा गया है। 5 साल बीतने के बाद उन पर भी टैरिफ कटौती लागू करने पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल EU मैन्युफैक्चरर्स का भारतीय बाजार में हिस्सा 4% से भी कम है, जिसे इस डील के बाद बढ़ाने की उम्मीद है।
लग्जरी कारों की नई संभावित कीमतें (लगभग)
| कार मॉडल | वर्तमान कीमत (लाख में) | संभावित बचत (लाख में) | नई संभावित कीमत |
| BMW 3 Series | 60 - 75 | 15 - 25 | 40 - 55 लाख |
| Mercedes C-Class | 60 - 70 | 20 | 40 - 50 लाख |
| Audi A4/A6 | 45 - 70 | 10 - 30 | 35 - 40 लाख |
| Volvo XC60/90 | 70 - 120 | 20 - 40 | 50 - 80 लाख |
| Porsche Macan | 90 - 200 | 30 - 70 | 60 - 130 लाख |
(स्त्रोत: सूत्रों के मुताबिक अनुमानित गणना)
लॉबिंग और भविष्य की राह
फॉक्सवैगन, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी कंपनियां लंबे समय से भारत में व्यापारिक बाधाओं को कम करने के लिए लॉबिंग कर रही थीं। यह समझौता न केवल इन कंपनियों के लिए बाजार तक पहुँच आसान बनाएगा, बल्कि भारतीय ग्राहकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की लग्जरी कारें पहले की तुलना में काफी सस्ती और सुलभ कर देगा।