पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र : फर्जी वोटरों को वैध ठहराने का आरोप, पूर्व विधायक डॉ० संजीव कुमार ने आयुक्त को लिखा पत्र

परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ० संजीव कुमार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को शामिल किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होने आयुक्त-सह-निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में फर्जी वोटर का आरोप- फोटो : रंजन कुमार

Patna : पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को शामिल किए जाने और उन्हें अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीएम) द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से वैध ठहराए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ० संजीव कुमार ने आयुक्त-सह-निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को पत्र लिखकर मसौढ़ी, पटना सिटी और पटना सदर अनुमंडल में चल रही अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी दी है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर पटना हाई कोर्ट के आदेशों और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों की अनदेखी कर फर्जी वोटरों को संरक्षण दिया जा रहा है 


हाईकोर्ट के आदेश और 6,506 फर्जी मतदाताओं के विलोपन पर सवाल 

पूर्व विधायक ने पत्र में उल्लेख किया है कि सामाजिक कार्यकर्ता शिवेंद्र कुमार द्वारा दायर याचिका (CWJC No. 7361/2026) पर सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 16 जुलाई 2026 को आठ सप्ताह के भीतर फर्जी वोटरों की जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इससे पूर्व उप निर्वाचक निबंधन अधिकारी की जांच में पटना, नालंदा और नवादा जिलों में कुल 6,506 फर्जी मतदाता पाए गए थे। आरोप है कि फॉर्म 7 भरकर मतदाता सूची से इनका नाम विलोपित करने के निर्देश के बावजूद जिलाधिकारियों व अनुमंडल अधिकारियों द्वारा विलोपन प्रक्रिया का अनुपालन न कर उन्हें पुनः वैध ठहराने का प्रयास किया जा रहा है 


अनुमंडल अधिकारियों पर बिना भौतिक सत्यापन फर्जी वोटर वैध करने का आरोप 

पत्र में आरोप लगाया गया है कि शिवेंद्र कुमार द्वारा 18 जून 2026 को 1,902 अतिरिक्त फर्जी मतदाताओं की सूची सौंपे जाने और आयुक्त द्वारा 25 जून 2026 को विस्तृत जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद अधिकारियों का रवैया ढीला रहा। आरोप है कि मसौढ़ी, पटना सिटी और पटना सदर के अनुमंडल अधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों के फर्जी लेटरहेड पर तैयार किए गए फर्जी मतदाताओं का बिना कोई भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किए ही उन्हें सही मान लिया। नियुक्ति पत्र, तीन साल की उपस्थिति पंजी, बैंक वेतन विवरण और ईपीएफ/ईएसआईसी जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की जांच किए बिना यह कार्रवाई की गई है 


शिक्षण संस्थानों की गहन जांच और अभ्यर्थियों से सीधे संवाद की मांग 

डॉ० संजीव कुमार ने चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित अर्हताओं के अनुरूप निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति की तिथि, शैक्षणिक योग्यता, स्वीकृत पदों की संख्या, संबंधित विश्वविद्यालय से मान्यता और वेतन भुगतान के बैंक रिकॉर्ड का सूक्ष्मता से सत्यापन कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह विशेष मांग रखी कि जांच अधिकारी केवल शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपलों से मिलकर औपचारिकता न निभाएं, बल्कि सूची में दर्ज प्रत्येक संबंधित मतदाता से व्यक्तिगत रूप से मिलकर और दस्तावेजों की पड़ताल कर जांच प्रक्रिया पूरी करें 


पटना जिले के संस्थानों में 90 प्रतिशत अवैध वोटर होने का दावा 

पूर्व विधायक ने पटना जिले के अनुमंडलवार शिक्षण संस्थानों की सूची संलग्न करते हुए दावा किया है कि इनमें दर्ज मतदाताओं में से लगभग 90 प्रतिशत वोटर अवैध हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो चुनाव की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित होगी। इस पत्र के सामने आने के बाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले को पुनः उच्च न्यायालय के समक्ष ले जाने की बात कही जा रही है 


रंजन की रिपोर्ट