Maithili Thakur Rolls Royce Controversy: 13 करोड़ की रोल्स रॉयस और 4 करोड़ की नेटवर्थ, BJP MLA पर उठे सवाल, CA ने IT विभाग को टैग कर मांगी जांच

बिहार के अलीनगर से विधायक मैथिली ठाकुर मुंबई में 'लालबागचा राजा' के दर्शन के लिए रोल्स रॉयस कार में पहुंचीं, जिसके बाद उनकी संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। CA ने आयकर विभाग से भी कहा है कि वे मैथिली ठाकुर की इनकम की जांच करे।

Bihar MLA Maithili Thakur Rolls Royce Controversy

प्रसिद्ध लोक गायिका और बिहार के अलीनगर से 26 वर्षीय विधायक मैथिली ठाकुर इन दिनों एक बेहद महंगी और लग्जरी रोल्स रॉयस (Rolls-Royce) कार को लेकर सुर्खियों में हैं। पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब वे मुंबई में गणेश चतुर्थी के दौरान मशहूर 'लालबागचा राजा' के दर्शन के लिए करोड़ों की रोल्स रॉयस कार में पहुंचीं। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वे लोगों के निशाने पर आ गईं और उनकी आय व जीवनशैली पर सवाल उठने लगे।


इस पूरे मामले ने तब और राजनीतिक व प्रशासनिक तूल पकड़ लिया जब सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) रुचिता वघानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर मैथिली ठाकुर की संपत्ति और कार की कीमत को लेकर तीखे सवाल खड़े किए। सीए वघानी ने दावा किया कि चुनावी हलफनामे में अपनी कुल नेटवर्थ 4 करोड़ रुपये से भी कम बताने वाली विधायक के पास आखिर 13 करोड़ रुपये की रोल्स रॉयस कार कैसे आ सकती है?

सीए रुचिता वघानी ने इस मामले में देश की प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी इनकम टैक्स (आयकर) विभाग को भी अपने पोस्ट में टैग किया। उन्होंने आयकर विभाग से मैथिली ठाकुर की वास्तविक आय और वित्तीय स्रोतों की गहन जांच कराने की मांग की। वघानी ने सवाल उठाया कि जब कर नियमों के नाम पर आम जनता और मध्यम वर्ग पर शिकंजा कसा जाता है, तो फिर जन प्रतिनिधियों और विधायकों के खिलाफ ऐसी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए?


बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अलीनगर सीट से चुनाव लड़ते समय मैथिली ठाकुर द्वारा दायर किए गए आधिकारिक चुनावी हलफनामे के आंकड़े भी अब चर्चा में हैं। हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 3,82,33,255 रुपये (तीन करोड़ बियासी लाख रुपये) है। इसमें 1.80 लाख रुपये नकद, बैंकों में करीब 72 लाख रुपये, म्यूचुअल फंड में 31 लाख रुपये से अधिक का निवेश और दिल्ली में 1.50 करोड़ रुपये का एक फ्लैट शामिल है।


हलफनामे में दर्ज विवरण के अनुसार, उनकी अचल और चल संपत्ति के साथ-साथ वाहनों के नाम पर केवल 20,000 रुपये मूल्य की एक पुरानी स्कूटी का उल्लेख है। इसके अलावा उनके पास लगभग 52 लाख रुपये मूल्य का 409 ग्राम सोना दर्ज है। ऐसे में चुनावी दस्तावेजों में महज एक स्कूटी की मालकिन के रूप में दर्ज विधायक का अचानक 13 करोड़ की लग्जरी कार में घूमना इंटरनेट पर बहस का मुख्य कारण बन गया है।


सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर इंटरनेट यूजर्स के बीच दो स्पष्ट धड़े देखने को मिल रहे हैं। मनोज कुमार नाम के एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि भारत में केवल 4 करोड़ रुपये की घोषित संपत्ति वाले व्यक्ति के लिए रोल्स रॉयस जैसी प्रतिष्ठित कार खरीदना व्यावहारिक रूप से असंभव है। उन्होंने तर्क दिया कि कंपनी कार बेचने से पहले ग्राहक की वित्तीय प्रोफाइल जांचती है और आमतौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक नेटवर्थ वाले लोग ही इसे रख पाते हैं।


वहीं दूसरी ओर, कई समर्थकों और अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने मैथिली ठाकुर का बचाव करते हुए कार की ओनरशिप (स्वामित्व) पर सवाल उठाए हैं। प्रीतम मोहंती नामक यूजर ने स्पष्ट किया कि रोल्स रॉयस कार मैथिली ठाकुर की निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मैथिली अंबानी परिवार के विशेष निमंत्रण पर गणेशोत्सव में शामिल होने मुंबई गई थीं, जहाँ उन्हें दर्शन के लिए अंबानी परिवार द्वारा ही लग्जरी कार और एस्कॉर्ट सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।


हालांकि, रोल्स रॉयस कार के असली मालिक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या मैथिली ठाकुर की तरफ से स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। इसके बावजूद बिहार के सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक यह मुद्दा छाया हुआ है। जहां एक तरफ वित्तीय पारदर्शिता को लेकर आयकर जांच की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी तरफ इसे महज़ एक मेहमाननवाज़ी और अफवाह से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है।