Patna Zoo: पटनावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! एक हफ्ते बाद खुला चिड़ियाघर, लेकिन एंट्री से पहले प्रशासन ने खींची 'लक्ष्मण रेखा', जानें क्यों?

Patna Zoo: पटना जू एक सप्ताह की बंदी के बाद रविवार से फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए चिड़ियाघर को 7 मार्च तक बंद रखा गया था। हालांकि जांच में एवियन इंफ्लुएंजा (H5N1) की पुष्टि नहीं होने के बाद अब जू खोल दिया..

आज से खुला पटना जू - फोटो : social media

Patna Zoo:  पटना का चिड़याघर एक हफ्ते के बाद आज खुल रहा है। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए पिछले एक हफ्ते से बंद पटना जू (संजय गांधी जैविक उद्यान) के दरवाजे आज से पर्यटकों के लिए दोबारा खोल दिए गए हैं। उद्यान प्रशासन ने गहन जांच और पूरे परिसर को सैनिटाइज करने के बाद यह फैसला लिया है, जिससे सात दिनों के सन्नाटे के बाद जू में फिर से रौनक लौटने की उम्मीद है।

आज से चिड़याघर खुला

जू प्रशासन के अनुसार पटना जू से लिए गए सैंपल को भोपाल स्थित राष्ट्रीय पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान और रोग सूचना विज्ञान संस्थान की लैब में जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट में एवियन इंफ्लुएंजा निगेटिव आने के बाद चिड़ियाघर को दोबारा खोलने का फैसला लिया गया। दरअसल कौशल नगर स्थित एक पॉल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी की गाइडलाइंस के अनुसार एक किलोमीटर के दायरे में एहतियात के तौर पर गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। इसी के तहत पटना जू को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

एहतियात के साथ मिलेगी एंट्री

जू प्रशासन ने बताया कि पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को सैनिटाइज करने के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्य गेट पर पोटाशियम परमैंगनेट से फूट वॉश भी अनिवार्य किया गया है, ताकि संक्रमण अंदर न आ सके। बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सभी पक्षियों के केज पर ग्रीन नेट लगाया गया है। पर्यटक जानवरों और पक्षियों को करीब 10 फीट की दूरी से ही देख सकेंगे। वहीं केज और बाड़ों के आसपास दिन में दो बार केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है।

कर्मचारियों के लिए भी विशेष निर्देश

जू प्रशासन ने कर्मचारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। एक केज में काम करने वाला कर्मचारी दूसरे केज में काम नहीं करेगा। खासकर पक्षियों की देखभाल करने वाले कर्मचारी उसी बाड़े तक सीमित रहेंगे, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न हो। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को मास्क उपलब्ध कराया गया है और बाड़ों से बाहर आने के बाद खुद को सैनिटाइज करना अनिवार्य किया गया है। पक्षियों के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी भी की जा रही है। जू प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की ओर से जारी SOP के अनुसार सभी एहतियाती उपाय और डिसइंफेक्शन की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।