BPSC News: BPSC इंटरव्यू का नियम बदला! अब अधिकारी चुनेंगे अधिकारी, आसान नहीं होगा चयन प्रक्रिया, जानिए पूरी खबर
BPSC News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने इंटरव्यू सिस्टम में अहम बदलाव करते हुए अब पैनल में IAS और IPS अधिकारियों को शामिल करने का फैसला किया है। यानी अब अधिकारी खुद अधिकारी को चुनेंगे।
BPSC News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से अब बीपीएससी इंटरव्यू और सख्त होगी। अधिकारी चुनाव करेंगे कि अगला अधिकारी कौन बनेगा। मिली जानकारी अनुसार अब बीपीएससी इंटरव्यू में पैनल में सिर्फ शिक्षाविद और विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी भी शामिल होंगे। आयोग के इस फैसले के बाद इंटरव्यू प्रक्रिया अब किसी यूनिवर्सिटी वाइवा जैसी नहीं, बल्कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के उच्च मानकों के रुप में होगी।
इंटरव्यू में अब होगा ‘रियल टेस्ट’
नई व्यवस्था के तहत फील्ड में तैनात अधिकारी अभ्यर्थियों की सिर्फ अकादमिक जानकारी नहीं, बल्कि उनकी निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक मजबूती और प्रशासनिक समझ का आकलन करेंगे। अब सवाल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों और केस स्टडी पर आधारित होंगे। अब हर इंटरव्यू बोर्ड में कम से कम एक वरिष्ठ IAS या IPS अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। ये अधिकारी अभ्यर्थियों की बॉडी लैंग्वेज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और एथिकल वैल्यूज का भी मूल्यांकन करेंगे। जिससे इंटरव्यू प्रक्रिया अधिक प्रोफेशनल और पारदर्शी बनेगी।
70वीं परीक्षा से ही लागू हुआ बदलाव
यह नया सिस्टम वर्तमान में चल रही 70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा (CCE) के इंटरव्यू से ही लागू कर दिया गया है। इसके बाद होने वाली 71वीं मुख्य परीक्षा और 72वीं प्रारंभिक परीक्षा में भी यही पैटर्न जारी रहेगा। गौरतलब हो कि BPSC ने 2023 से 2026 के बीच कई अहम बदलाव किए हैं। तीनों सालों में कई बदलाव हुए हैं। जिनमें इंटीग्रेटेड प्रीलिम्स की शुरुआत, नेगेटिव मार्किंग लागू और मुख्य परीक्षा में 300 अंकों का निबंध जोड़ा गया है। वैकल्पिक विषय (Optional) को केवल क्वॉलिफाइंग बनाया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और मेरिट आधारित बनाना है।
अब GS और निबंध पर फोकस
नई व्यवस्था में वैकल्पिक विषय के अंक फाइनल मेरिट में नहीं जोड़े जाएंगे। अब सामान्य अध्ययन (GS) और निबंध ही चयन का मुख्य आधार होंगे। जिससे विषयों के बीच अंक असंतुलन की समस्या खत्म होगी। इंटरव्यू पैनल में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से पक्षपात और बाहरी हस्तक्षेप की संभावना काफी कम हो जाएगी। इससे खासकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा।