Patna Zoo Toy Train: पटना जू में फिर दौड़ेगी टॉय ट्रेन, वंदे भारत के लुक में होगा शानदार कलेवर
Patna Zoo Toy Train: करीब 11 साल से बंद पड़ी टॉय ट्रेन की सवारी अब एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इस बार ट्रेन पुराने अंदाज में नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर आकर्षक कलेवर में नजर आएगी।
Patna Zoo Toy Train: पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में घूमने आने वाले पर्यटकों, खासकर बच्चों और परिवारों के लिए खुशखबरी है। करीब 11 साल से बंद पड़ी टॉय ट्रेन की सवारी अब एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इस बार ट्रेन पुराने अंदाज में नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं और वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर आकर्षक कलेवर में नजर आएगी। चिड़ियाघर प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेज कर दिया है। करीब 9.88 करोड़ रुपये की लागत से 3.77 किलोमीटर लंबा नया रेल ट्रैक बिछाया जा रहा है। परियोजना को जनवरी 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चार कोच वाली बैटरी ट्रेन में एक साथ 80 पर्यटक करेंगे सफर
नई टॉय ट्रेन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक से तैयार किया जा रहा है। इसमें एक इंजन के साथ चार कोच होंगे। प्रत्येक कोच में लगभग 20 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इस तरह एक फेरे में करीब 80 लोग टॉय ट्रेन की सवारी कर सकेंगे। ट्रेन बैटरी से संचालित होगी, जिससे ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक कोच को वातानुकूलित (एसी) बनाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। हालांकि, बैटरी की क्षमता और तकनीकी जरूरतों के कारण सभी कोच एसी नहीं होंगे। ट्रेन का बाहरी स्वरूप भी आकर्षक बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों को वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन का अनुभव मिल सके।
40 मिनट की सैर में जंगल ट्रेल और तालाब का मिलेगा नजारा
नई टॉय ट्रेन का सफर करीब 40 मिनट का होगा। इसके रूट को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि पर्यटक चिड़ियाघर की हरियाली, जंगल ट्रेल और खूबसूरत तालाब के नजारों का लुत्फ उठा सकें। पुराने रूट में बदलाव कर जंगल ट्रेल वाले हिस्से को कुछ छोटा किया जा रहा है, ताकि ट्रेन के सफर में तालाब का मनोरम दृश्य भी शामिल किया जा सके।इससे बच्चों को वन्यजीवों और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। परिवार के साथ जू घूमने आने वाले लोगों के लिए भी यह सफर यादगार और मनोरंजक बनाने की तैयारी है।
दानापुर रेल मंडल और जू प्रशासन के बीच हुआ है एमओयू
जू निदेशक हेमंत पाटिल के मुताबिक, दानापुर रेल मंडल और चिड़ियाघर प्रशासन के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। शुरुआती दौर में सामने आई तकनीकी समस्याओं को दूर करने के बाद ट्रैक निर्माण का काम तेज कर दिया गया है। पुराने ट्रैक को हटाकर नए सिरे से पटरियां बिछाई जा रही हैं। वहीं, इंजन और कोच निर्माण से संबंधित कार्य भी अलग-अलग स्तर पर जारी हैं।निर्माण पूरा होने के बाद ट्रेन और ट्रैक की तकनीकी जांच के साथ सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। सभी जरूरी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही नियमित परिचालन शुरू करने का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए बनेगी बड़ी सहूलियत
टॉय ट्रेन शुरू होने से उन पर्यटकों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें पूरे चिड़ियाघर में पैदल घूमने में परेशानी होती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और परिवार ट्रेन में बैठकर जू के अलग-अलग हिस्सों का नजारा देख सकेंगे। योजना के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे से ट्रेन का परिचालन शुरू करने की संभावना है। हालांकि, टिकट दर, स्टेशनों की संख्या और नियमित समय-सारणी को लेकर अभी अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
2015 में बंद हुई थी टॉय ट्रेन, अब नए अवतार में होगी वापसी
गौरतलब है कि पटना जू में पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन 17 अगस्त 2015 को सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण बंद कर दिया गया था। इसके बाद से ही पर्यटक इसकी वापसी का इंतजार कर रहे थे। अब लगभग 11 साल बाद आधुनिक ट्रैक, बैटरी चालित इंजन और नए कोच के साथ इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी है।अगर परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी हो जाती है तो जनवरी 2027 के अंत तक पटना जू में टॉय ट्रेन की वापसी का रास्ता साफ हो सकता है। ऐसे में आने वाले समय में चिड़ियाघर की सैर सिर्फ वन्यजीवों को देखने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्यटक 40 मिनट की शानदार रेल यात्रा का भी आनंद उठा सकेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट