Rajysabha Election : तेजस्वी और ओवैसी की वजह से कटा 'पवन सिंह' का टिकट! बीजेपी ने ‘पावर स्टार’ को क्यों रखा चुनावी चक्रव्यूह से दूर, वजह कहीं ये तो नहीं...

Rajysabha Election : भाजपा ने पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह को राज्यसभा नहीं भेजने का निर्णय लिया है. इसकी वजह कहीं ये तो नहीं है......पढ़िए आगे

राज्यसभा नहीं जायेंगे पवन सिंह - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बीजेपी ने बिहार से दो राज्यसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा जाएंगे. साथ ही शिवेश कुमार भी राज्यसभा के उम्मीदवार होंगे. नितिन नवीन को छोड़ दें तो शिवेश कुमार का नाम सबको चौंका रहा है. भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार कहे जाने वाले पवन सिंह को बीजेपी की टिकट पर राज्यसभा जाना तय माना जा रहा था. लेकिन एन मौके पर बीजेपी ने उनका पत्ता साफ़ कर दिया. जबकि बिहार विधानसभा चुनाव में पवन सिंह ने एनडीए की प्रचंड जीत में अहम् भूमिका निभाई थी. कहा जा रहा है की बिहार चुनाव में पावर स्टार ने 42 सीटों पर प्रचार किया था. जिसमें 40 पर एनडीए उम्मीदवार की जीत हुई थी. हालाँकि टिकट काटे जाने के बाद भाजपा के इस कदम से पावर स्टार के समर्थकों में मायूसी छा गयी है. लेकिन इसके पीछे जो वजह है. उससे पावर स्टार के समर्थकों की नाराजगी फुर्र हो सकती है. 

दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने बिहार, बंगाल और उड़ीसा से राज्यसभा के 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की है. बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार को, जबकि असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगे। वहीँ भाजपा ने छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। हरियाणा राज्य से संजय भाटिया के नाम पर मुहर लगाई गई है। ओडिशा राज्य के लिए भी दो प्रमुख नामों का ऐलान किया गया है, जिनमें मनमोहन सामल और सुजीत कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा ने राहुल सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। 

बिहार की बात करें तो बीजेपी ने जो सूची जारी की है. तो उसमें नितिन नवीन और शिवेश कुमार का नाम है. हालाँकि सूची जारी करने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा की राज्यसभा के पांचो सीटों पर एनडीए नामांकन करेगी। कहा की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन एवं रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा के लिए नामांकन करेंगे। वहीं पांचवें प्रत्याशी के तौर पर सासाराम के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवेश कुमार होंगे। वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा के दो उम्मीदवार, जदयू के दो उम्मीदवार एवं रालोमों की एक उम्मीदवार के तौर पर उपेंद्र कुशवाहा नामांकन करेंगे। सभी उम्मीदवार 05 मार्च को नामांकन करेंगे। वहीँ राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नितिन भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि एनडीए के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विचार-विमर्श एवं आपसी संवाद के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि उपेन्द्र  कुशवाहा आगामी 05 मार्च को उम्मीदवारी हेतु बिहार विधानसभा में अपना नामांकन करेंगे। 

बता दें की भाजपा ने भले ही शिवेश कुमार को अपना पांचवां उम्मीदवार बनाया है. लेकिन पांचवें सीट पर पेंच फंस सकता है. वजह यह है की राज्यसभा के एक उम्मीदवार को जीत के लिए 41 विधायकों का मत चाहिए. एनडीए के विधायकों की संख्या विधानसभा में 202 है. इस तरह चार उम्मीदवारों की जीत तय है. लेकिन पांचवें उम्मीदवार को केवल 38 विधायकों का समर्थन ही मिल पायेगा. इसमें अहम भूमिका ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की होगी. यदि पार्टी चुनाव से बाहर हो जाती है तो एनडीए का पांचवां उम्मीदवार भी राज्यसभा पहुँच जायेगा. लेकिन चुनाव में ओवैसी की पार्टी उतर गयी तो तेजस्वी राज्यसभा पहुँच जायेंगे. संदेह जताया जा रहा है की पांचवें उम्मीदवार के इसी पेंच की वजह से पवन सिंह को चुनाव में नहीं उतारा गया. जबकि जिस तरह से पवन सिंह का बीजेपी में कद बढ़ा है. उन्हें सीधा रास्ता चाहिए. जिससे वे सदन के सदस्य बन सके. यहीं वजह है की एनडीए के पांचवें नाम ने सबकों चौका दिया है.