सावधान! 31 मार्च से पहले पीपीएफ, एनपीएस और सुकन्या खाते में डालें पैसे, वरना फ्रीज हो सकता है अकाउंट
वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने से पहले PPF, NPS और सुकन्या समृद्धि खाताधारकों के लिए 31 मार्च बेहद अहम तारीख है। खातों को सक्रिय रखने और जुर्माने से बचने के लिए न्यूनतम अनिवार्य राशि जमा करना जरूरी है।
Patna - वित्त वर्ष 2025-26 के समापन के साथ ही निवेशकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यों को पूरा करने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है। यदि आप पीपीएफ (PPF), एनपीएस (NPS) या सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसी सरकारी बचत योजनाओं के खाताधारक हैं, तो 31 मार्च 2026 तक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर आपका खाता निष्क्रिय या फ्रीज किया जा सकता है, जिससे भविष्य में वित्तीय लेन-देन में असुविधा हो सकती है।
पीपीएफ खाते को सक्रिय रखने की शर्त
सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) योजना के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 रुपये का निवेश करना आवश्यक होता है। यदि कोई खाताधारक यह न्यूनतम राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसका खाता निष्क्रिय कर दिया जाता है। निष्क्रिय खाते के कारण निवेशक न तो लोन की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं और न ही आंशिक निकासी कर सकते हैं। खाते को पुनः सक्रिय करने के लिए प्रत्येक डिफॉल्ट वर्ष के लिए 500 रुपये की जमा राशि के साथ 50 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है।
सुकन्या समृद्धि योजना में न्यूनतम निवेश
बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में भी निवेश की निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। इस खाते को चालू रखने के लिए प्रति वित्त वर्ष न्यूनतम 250 रुपये जमा करना अनिवार्य है। निर्धारित राशि जमा न होने की स्थिति में खाते को 'डिफॉल्ट' श्रेणी में डाल दिया जाता है। ऐसे खाते को दोबारा शुरू करने के लिए 250 रुपये की बकाया राशि के साथ 50 रुपये का जुर्माना प्रति डिफॉल्ट वर्ष के हिसाब से देना होता है।
एनपीएस खाते के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए लोकप्रिय नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में भी न्यूनतम निवेश के नियम लागू हैं। एनपीएस के टियर-1 खाते को सक्रिय रखने के लिए हर साल कम से कम 1000 रुपये का योगदान देना आवश्यक है। यदि यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो टियर-1 खाता फ्रीज हो जाता है, जिसका सीधा असर उससे जुड़े टियर-2 खाते पर भी पड़ता है। खाते को अन-फ्रीज कराने के लिए बकाया राशि के साथ 100 रुपये का जुर्माना देना पड़ता है।
टैक्स छूट का उठाएं पूरा लाभ
इन सरकारी योजनाओं में समय पर निवेश करने का एक सबसे बड़ा लाभ टैक्स बचत के रूप में मिलता है। पुराने टैक्स रिजीम को चुनने वाले निवेशक आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत इन योजनाओं में निवेश करके 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एनपीएस में निवेश करने वाले खाताधारकों को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त टैक्स कटौती का लाभ भी मिलता है। यह निवेश न केवल कर के बोझ को कम करता है बल्कि भविष्य के लिए एक सुरक्षित कोष भी तैयार करता है।
अंतिम तिथि से पहले करें यह काम
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे 31 मार्च 2026 की समयसीमा का इंतजार किए बिना अपने इन खातों की स्थिति की जांच कर लें। यदि इस वर्ष अभी तक न्यूनतम राशि का भुगतान नहीं किया गया है, तो इसे तुरंत पूरा करें। समय पर किया गया यह छोटा सा निवेश आपके खाते को किसी भी प्रकार के जुर्माने या फ्रीज होने की प्रक्रिया से बचाएगा और आपकी निवेश यात्रा को निर्बाध रूप से जारी रखने में मदद करेगा।