Bihar Politics:पटना की सत्ता में बड़ा खेल शुरु! बिहार में पहली बार BJP का बनेगा सीएम? 32 मंत्री ले सकते हैं शपथ, गृह के साथ इन विभाग को लेकर फंसा पेंच
सत्ता के नए फार्मूले के तहत भाजपा मुख्यमंत्री पद अपने पास रख सकती है, जबकि जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इन नामों में निशांत कुमार और विजय चौधरी सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।...
Bihar Politics: बिहार की सियासत इन दिनों जबरदस्त हलचल और कयासों के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है और इसके साथ ही लगभग साफ हो गया है कि जल्द ही वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति की तरफ रुख करेंगे। इस फैसले ने पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी सरगर्मी तेज कर दी है, हालांकि दिलचस्प बात यह है कि न तो भाजपा और न ही जदयू इस सत्ता परिवर्तन को लेकर कोई जल्दबाजी दिखा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 मार्च तक चलेगी, जबकि नए सांसदों का शपथ ग्रहण 9 अप्रैल के बाद होना है। यानी अभी करीब एक महीने का वक्त बचा है और इसी दौरान बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की पूरी पटकथा लिखी जाएगी।
सबसे पहले भाजपा और जदयू अपने-अपने विधायक दल की बैठक बुलाएंगी, जहां नेता का चुनाव होगा। इसके बाद एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा और फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देकर नए नेता को सरकार बनाने का मौका देंगे।
भाजपा के सियासी अंदाज को देखते हुए यह भी चर्चा तेज है कि पार्टी बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई बड़ा सियासी सरप्राइज दे सकती है। अंदरखाने यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी किसी EBC (अति पिछड़ा वर्ग) के नेता को मुख्यमंत्री बनाकर नया सामाजिक समीकरण खड़ा कर सकती है। बताया जा रहा है कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने पटना दौरे के दौरान कुछ ईबीसी विधायकों से मुलाकात भी की थी।
सत्ता के नए फार्मूले के तहत भाजपा मुख्यमंत्री पद अपने पास रख सकती है, जबकि जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इन नामों में निशांत कुमार और विजय चौधरी सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाते हुए अपने बेटे निशांत कुमार को सियासत की मुख्यधारा में आगे बढ़ा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग के साथ स्पीकर को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुआ है कि किसके पास रहेगा. जदयू गृह विभाग के साथ स्पीकर पोस्ट अपने खाते में रखना चाहती है।
वहीं विजय चौधरी को जदयू में नीतीश कुमार का सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है। उनकी सादगी, प्रशासनिक अनुभव और संतुलित राजनीतिक शैली उन्हें इस समीकरण में मजबूत दावेदार बनाती है।सूत्रों के अनुसार रामनवमी (26 मार्च) तक बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है। नई कैबिनेट 32 मंत्रियों वाली फुल फ्लैज्ड सरकार हो सकती है, जिसमें भाजपा और जदयू के 14-14 मंत्री, जबकि एलजेपी (आर) और अन्य सहयोगियों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा।
हालांकि सत्ता की इस नई पटकथा में एक और पेच फंसा हुआ है स्पीकर और गृह विभाग को लेकर खींचतान। जदयू इन दोनों पदों पर दावा कर रही है, जबकि भाजपा इन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही।यानी साफ है नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से पहले बिहार की सियासत में अभी कई और सियासी मोड़ आने बाकी हैं। पटना की सत्ता का असली खेल अब शुरू हुआ है।