Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा सीट पर सातवे राउंड के बाद भी प्रशांत किशोर आगे, 4000 वोटों की बढ़त, भाजपा के गढ़ में कांटे की टक्कर, राजद मैदान से लगभग बाहर

Bankipur Bypoll: पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के बीच चौथे राउंड के बाद भी जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं।....

सातवे राउंड के बाद भी प्रशांत किशोर आगे- फोटो : reporter

Bankipur Bypoll: पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के बीच सातवे राउंड के बाद भी जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं।  रुझानों में लगातार आगे चल रहे प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत गढ़ में मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। हालांकि अभी मतगणना के 24 राउंड बाकी हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, सातवे राउंड तक प्रशांत किशोर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 400 मतो से आगे चल रहे हैं। राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता मैदान से बाहर होती दिख रही हैं। जन सुराज पार्टी के पीके को  13,500 मत मिले हैं तो भाजपा को 9,493 वोट मिले हैं। तेजस्वी के उम्मीदवार को बड़ा झटका लगता दिख रहा है।

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत राजनीतिक किला रही है। ऐसे में शुरुआती रुझानों में प्रशांत किशोर की बढ़त ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या जन सुराज इस बढ़त को अंतिम परिणाम तक कायम रख पाएगा या भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक के सहारे मुकाबले में वापसी करेगी।


इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और करीब 1.30 लाख मतों की गणना की जा रही है। पटना के एएन कॉलेज में मतगणना 14 टेबलों पर 31 राउंड में पूरी की जा रही है। प्रत्येक राउंड के बाद निर्वाचन पदाधिकारी आधिकारिक आंकड़े जारी कर रहे हैं, जिससे मुकाबले की तस्वीर लगातार साफ होती जा रही है। मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एएन कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ ही विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है, ताकि मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

फिलहाल बांकीपुर का चुनावी रण बिहार की राजनीति का सबसे चर्चित मुकाबला बन चुका है। प्रशांत किशोर की बढ़त ने जहां नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है, वहीं भाजपा के लिए अपने मजबूत किले को बचाने की चुनौती सामने खड़ी है। अब सबकी निगाहें अगले राउंड की मतगणना पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह बढ़त बरकरार रहती है या मुकाबला फिर से पलटता है।