मोकामा नगर परिषद में भ्रष्टाचार और अनियमितता के लगाए गंभीर आरोप, उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
मोकामा नगर परिषद में 30 करोड़ रुपए से अधिक का भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप लगाकर उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने धरना दिया
Mokama : मोकामा नगर परिषद में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कई वार्ड पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. नगर परिषद उपाध्यक्ष नीतू देवी और वार्ड नंबर 12 के पार्षद हरे कृष्ण की अपील पर बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने नगर परिषद के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर धरना दिया. धरना देने वालों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद मोकामा में व्याप्त अनियमितता एवं लूट के खिलाफ यह एक दिवसीय धरना है. इसमें आवास योजना के लाभुकों को शोषण, सफाई एजेंसी द्वारा घटिया सेवा एवं मजदूरों का शोषण, निर्माण कार्य, पेयजल आपूर्ति योजनाओं में सुस्ती तथा घटिया निर्माण कार्य, 24.04 2025 को जांच में दोषी पाया जाने के बाद भी घोटाले बाजों को संरक्षण, जन्म मृत्यु के निबंधन में भारी धांधली सहित कंबल वितरण में घोटाला का आरोप लगाया है.
नगर परिषद उपाध्यक्ष नीतू देवी के पति एवं सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया कुमार ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लगातार नगर परिषद में अनियमितता व्याप्त है. कोई भी ऐसी योजना नहीं है जिसमें लोगों की हकमारी नहीं हुई है. योजनाओं में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार है. लोगों की स्थिति है कि बिना आवास के वे पोलोथिन तानकर जीवन बिताने को व्याप्त है. लेकिन आवास योजना का कोई लाभ ऐसे लोगों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में कंबल वितरण करने की बातें कही जा रही है, यह सबसे बड़ी अनियमितता है. 9 हजार कंबल कहां बांटा गया इसका विवरण दें. ठंड के मौसम में कहीं रेन बसेरा नहीं बना. सड़कों गलियों का घटिया निर्माण हो रहा है.
30 करोड़ से अधिक रुपए की लूट
वार्ड पार्षद हरे कृष्ण ने कहा कि नगर परिषद में सिर्फ भ्रष्टाचार है. चापलूस को प्रमोशन मिलता है. 30 करोड़ से अधिक रुपए की लूट हो चुकी है. 1500 लोगों को आवास योजना के नाम पर भटकाया जा रहा है. सिर्फ 2 इंच ढलाई करके निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. दुर्गा पूजा-छठ पूजा जैसे आयोजन में लाखों रुपए की लूट हुई. पूरे मोकामा में तिरंगा लाइट के नाम पर लूट हुई. सभापति पर उन्होंने तानाशाही करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सफाई मजदूरों का शोषण किया जा रहा है.
आमरण अनशन
प्रदर्शन में शामिल जनप्रतिनिधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. वहीं कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर जनता से जुडी मांगों को नहीं सुना गया. जनता के प्रति अधिकारी और सभापति जवाबदेह नहीं बने तो वे आमरण अनशन करेंगे.