Indian RailWay App:रेल यात्री अब आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे, अब कनेक्टिंग टिकट एक क्लिक पर, डिजिटल किराया भी सस्ता, रेल यात्रियों को मिला बड़ा तोहफा
Indian RailWay App: रेल यात्रा को आसान, पारदर्शी और वक़्त की बचत वाला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
Indian RailWay App: रेल यात्रा को आसान, पारदर्शी और वक़्त की बचत वाला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब यात्रियों को डायरेक्ट ट्रेन न मिलने पर कनेक्टिंग यात्रा का विकल्प सीधे आईआरसीटीसी प्लेटफॉर्म पर मिलेगा। पहले स्टेशन कोड बदल-बदलकर अलग-अलग ट्रेन खोजना पड़ता था, जिससे समय और मशक्कत दोनों बढ़ते थे। अब नई डिजिटल व्यवस्था से यह झंझट खत्म होने जा रहा है।
नए फीचर के तहत यात्री देख सकेंगे कि कौन सी प्रारंभिक ट्रेन और कौन सी द्वितीयक ट्रेन उनके गंतव्य तक सबसे मुनासिब रहेगी। कनेक्टिंग स्टेशन पर दोनों ट्रेनों के बीच समय अंतर पहले से तय रहेगा, ताकि सफर में अफरा-तफरी या अनिश्चितता न हो।
रेल मंत्रालय के तकनीकी अंग CRIS ने जनवरी में ‘रेलवन’ ऐप का बीटा वर्जन लॉन्च किया था। यह ऐप अब यात्रियों के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है। जहां पहले आरक्षित टिकट के लिए आईआरसीटीसी, लाइव स्टेटस के लिए NTES, शिकायत के लिए रेल मदद और खानपान के लिए फूड ऑन ट्रैक जैसे अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करने पड़ते थे, वहीं अब ये सारी सेवाएं ‘रेलवन’ में एक छत के नीचे उपलब्ध हैं।
यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ के एजेंडे को मजबूती देता है। अनारक्षित व आरक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, पीएनआर स्टेटस, कोच पोजिशन, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, ग्रिवांस सिस्टम—सब कुछ एक क्लिक पर। इतना ही नहीं, डिजिटल भुगतान पर किराया भी काउंटर से थोड़ा कम रखा गया है। मसलन, पटना का किराया 95 की जगह 92 रुपये, मुंबई 500 की जगह 485 रुपये और बेंगलुरु 580 की जगह 562 रुपये।मालदा मंडल की छह ट्रेनों की कैटेगरी में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे भागलपुर के यात्रियों को कनेक्टिंग सफर में सहूलियत मिलेगी।
कुल मिलाकर, रेलवन ऐप सिर्फ तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि सुविधा और पारदर्शिता का सियासी संदेश भी है। अब सवाल यह है कि क्या यह डिजिटल क्रांति जमीनी स्तर पर यात्रियों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी?