काम पर लौटें या अंजाम भुगतें! हड़ताली राजस्व कर्मियों को सरकार की दो टूक, DM को मिला 'सख्त एक्शन' का फ्री हैंड

बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल पर सरकार सख्त। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने 'आर्थिक न्याय' सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, वहीं प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने कड़ा पत्र जारी किया।

  • Patna -: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में राजस्व सेवाओं में आ रहे व्यवधान पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बिहार के हर नागरिक को बिना किसी बाधा के 'आर्थिक न्याय' प्रदान करना है। विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना हमारी प्रतिबद्धता है और जनता को उनके अधिकारों से वंचित करने वाली किसी भी लापरवाही पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • प्रधान सचिव का कड़ा पत्र: हड़ताल को बताया अवैध

राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सोमवार को राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों (DM) को एक पत्र जारी किया है। पत्र में पिछले दो महीनों से सामूहिक अवकाश पर गए राजस्व कर्मचारियों के रवैये पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। प्रधान सचिव ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस हड़ताल को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारियों को याद दिलाया कि वे ही इन कर्मचारियों के नियुक्ति और अनुशासनिक प्राधिकार हैं, इसलिए वे अपने अधिकारों का उपयोग कर व्यवस्था बहाल करें।

इज ऑफ लिविंग और आर्थिक न्याय पर जोर

सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत 'इज ऑफ लिविंग' के लक्ष्य को रेखांकित किया है। प्रधान सचिव के पत्र के अनुसार, आर्थिक न्याय संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 38 और 39 में निहित है। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी और कर्मचारी केवल एक प्रशासनिक कड़ी नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का माध्यम हैं। डिजिटल डिवाइड और बिचौलियों के कारण अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सेवाओं का न पहुँचना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

दलालों और मुंशियों के हस्तक्षेप पर लगेगी लगाम

प्रेस विज्ञप्ति में जमीन स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा किया गया है। पत्र में कहा गया है कि जब मुख्य कर्मी हड़ताल पर होते हैं, तो अक्सर मुंशी और दलालों के माध्यम से काम कराने की शिकायतें आती हैं। इससे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार केवल कागजी रह जाते हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य के 4.5 करोड़ जमाबंदीदारों को बिना किसी रिश्वत या बिचौलियों के प्रत्यक्ष और पारदर्शी तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराना है।

सीधा संवाद: समृद्धि यात्रा और जन कल्याण संवाद

प्रशासनिक सुधारों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सभी 38 जिलों में ‘समृद्धि यात्रा’ और उपमुख्यमंत्री द्वारा 10 जिलों में ‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद’ आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता की समस्याओं को सीधे सुना गया है। प्रधान सचिव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का स्मरण करते हुए अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आर्थिक न्याय को धरातल पर उतारने के लिए सतत प्रयास करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।