बिहार के हथियार तस्करी नेटवर्क में RSS का नाम ! 44 हजार कारतूस कांड पर तेजस्वी का हमला, आतंकवादी संगठन घोषित हो आरएसएस

तेजस्वी ने अपनी पोस्ट में चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार का नाम लेते हुए 44 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित नहीं कर देना चाहिए?

RSS named in Bihar arms smuggling network - फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार में हथियार और कारतूस की तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग RSS के सदस्य हैं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि जब RSS से जुड़े लोगों के पास से हजारों जिंदा कारतूस बरामद हो रहे हैं, तो क्या संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित नहीं कर देना चाहिए?


तेजस्वी ने अपनी पोस्ट में चंदन तिवारी, अभिषेक तिवारी, लालटू कुमार और सरस कुमार का नाम लेते हुए 44 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने का उल्लेख किया। उन्होंने आशंका जताई कि इतनी बड़ी मात्रा में गोला-बारूद की तस्करी के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। हालांकि, RSS से इन लोगों के संबंध और किसी आतंकी साजिश में उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।


आरा में 19,250 कारतूस के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

दरअसल, 2 नवंबर को बिहार STF और भोजपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कोईलवर थाना क्षेत्र के कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास एक SUV को रोककर तलाशी ली थी। इस दौरान 19,250 जिंदा कारतूस और एक देसी पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, बरामद कारतूस अलग-अलग बोर के थे।


इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान मुजफ्फरपुर के अहियापुर निवासी लाल्टू कुमार (38), सरस कुमार (27) और सीवान के चंदन तिवारी (26) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये लोग लंबे समय से अंतरराज्यीय हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क से जुड़े थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। 

हरियाणा में भी 25 हजार कारतूस बरामद, छह गिरफ्तार

बिहार में हुई गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारी के आधार पर हरियाणा STF ने 3 नवंबर को झज्जर जिले के रोहद टोल प्लाजा के पास दो गाड़ियों से 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद किए। इनमें 24,400 कारतूस टाटा हैरियर और 600 कारतूस हुंडई ऑरा से मिले। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद सिरसा के एक गन हाउस संचालक विजय गोयल को भी गिरफ्तार किया गया।


हरियाणा STF के अनुसार, इस नेटवर्क में बदायूं के गन हाउस संचालक अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि कारतूसों की आपूर्ति हरियाणा से उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक की जा रही थी। शुरुआती जांच में अवैध हथियार बनाने वालों और आपराधिक गिरोहों तक कारतूस पहुंचाने की आशंका सामने आई है। बिहार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। 


 44,250 कारतूस की बरामदगी, साजिश की जांच जारी

बिहार में 19,250 और हरियाणा में 25,000 कारतूस की बरामदगी को मिलाकर अब तक कुल 44,250 जिंदा कारतूस जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस कारतूसों के स्रोत, उनकी खरीद-बिक्री, आपूर्ति के रास्तों और अंतिम खरीदारों की पहचान करना है।


इस पूरे मामले में तेजस्वी यादव के RSS से जुड़े होने के आरोप ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से किसी आतंकी साजिश या RSS संगठन की संस्थागत संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस बड़े तस्करी नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस कहां खपाए जाने थे।

रंजन की रिपोर्ट