सहरसा DRDA डायरेक्टर के पास 2.41 करोड़ की अवैध संपत्ति, मुजफ्फरपुर से पटना तक फैला है 'बेनामी' साम्राज्य

सहरसा के डीआरडीए डायरेक्टर वैभव कुमार पर ईओयू का बड़ा एक्शन हुआ है। जांच में उनके पास 2.41 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मिली है। वैभव कुमार ने मुजफ्फरपुर में बेटे के नाम पर करोड़ों का आईटीआई संस्थान और पत्नी के नाम पर दर्जनों बेनामी प्लॉट खरीदे हैं।

Patna - : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी मछली पर जाल फेंका है। सहरसा के डीआरडीए (DRDA) निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है । ईओयू की जांच में सामने आया है कि वैभव कुमार ने अपनी सेवा अवधि के दौरान भ्रष्ट तरीकों से 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है । यह उनकी ज्ञात और वैध आय से लगभग 78.03% अधिक है । 29 मार्च 2026 को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है 

बेटे के नाम पर 'आईटीआई' और पत्नी के नाम पर जमीनों का अंबार

वैभव कुमार की काली कमाई का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा मुजफ्फरपुर में उनके बेटे के नाम पर फैला कारोबार है। उन्होंने अपने नाबालिग पुत्र ऐश्वर्य भास्कर के नाम पर मुजफ्फरपुर के हरिशंकर मनियारी (NH-28) के पास "ऐश्वर्या मैक्स ग्लो" नामक एक भव्य आईटीआई (ITI) संस्थान खोल रखा है । इस संस्थान के भवन निर्माण में ही लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है । इसके अलावा, उन्होंने अपनी पत्नी नेहा नंदिनी (जो सहरसा में ही बैंक कर्मी हैं), पिता ललित नारायण झा और बच्चों के नाम पर पटना और मुजफ्फरपुर में 16 से अधिक कीमती आवासीय और व्यावसायिक भूखंड खरीदे हैं 

मुजफ्फरपुर में तीन मंजिला मकान और लग्जरी लाइफस्टाइल

जांच में पाया गया कि वैभव कुमार ने मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा में एक मकान खरीदकर उस पर दो अतिरिक्त मंजिलें बनवाईं और उसे एक आलीशान तीन मंजिला भवन का रूप दिया । इसके अलावा, उन्होंने अपने पैतृक गांव मित्र मनियारी स्थित पुराने घर का भी आलीशान पुनर्निर्माण करवाया है । वैभव कुमार के पास 17 लाख रुपये मूल्य की दो चारपहिया गाड़ियां भी मिली हैं । ईओयू के अनुसार, उन्होंने अपनी संपत्ति की वार्षिक घोषणा में इन तथ्यों को छुपाया और फर्जीवाड़ा किया 

बैंक की नौकरी छोड़ बने थे अफसर, अब ईओयू करेगा ठिकानों की तलाशी

वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास पदाधिकारी के रूप में नियुक्त होने से पहले वैभव कुमार भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत थे । सेवा के दौरान वे छपरा, भोजपुर और समस्तीपुर जैसे जिलों में तैनात रहे । ईओयू ने उनके मुजफ्फरपुर स्थित आवास, सहरसा के सरकारी आवास और कार्यालय, पैतृक आवास और आईटीआई संस्थान सहित आधा दर्जन ठिकानों की तलाशी लेने की तैयारी कर ली है । इस मामले की जांच इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार को सौंपी गई है