Bihar Politics: सम्राट चौधरी ने बहुमत किया साबित ,बिना वोटिंग NDA का बहुमत पास, विपक्ष के हंगामे के बीच सियासी जीत

Bihar Politics:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ने बिना वोट विभाजन के ही अपना बहुमत साबित कर दिया।

सम्राट चौधरी ने बहुमत किया साबित - फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में आज बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया। सदन में चर्चा के बाद यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया और एनडीए सरकार ने बिना वोट विभाजन के ही अपना बहुमत साबित कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष ने भले ही तीखे सवाल उठाए और सदन में हंगामा किया, लेकिन अंत में उन्होंने मत विभाजन की मांग नहीं की, जिससे सरकार को राजनीतिक तौर पर सीधी बढ़त मिल गई। इस तरह बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार की स्थिरता पर औपचारिक मुहर लग गई।

बहस के दौरान सम्राट चौधरी ने तीखे राजनीतिक तेवर दिखाते हुए विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास में कई बार अलग-अलग दलों के सहयोग से सरकारें बनी हैं और आज की व्यवस्था उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

उन्होंने अपने जवाब में यह भी कहा कि उनकी योग्यता और दस्तावेज पूरी तरह पारदर्शी हैं और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों में कोई दम नहीं है। उम्र और डिग्री को लेकर उठे विवादों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं।

सदन में उन्होंने भविष्य की योजनाओं का भी खाका पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के हर प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा, ताकि शिक्षा का दायरा ग्रामीण स्तर तक मजबूत हो सके। साथ ही 11 नए टाउनशिप बनाने के फैसले को भी विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।

सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि सरकार ऐसा सिस्टम विकसित करेगी, जिसमें थाना, ब्लॉक और अंचल स्तर की गतिविधियों पर सीधे सीएमओ की नजर रहेगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

इसके अलावा उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताते हुए कहा कि उनके अनुभव और राजनीतिक भूमिका ने राज्य की स्थिरता में अहम योगदान दिया है।

कुल मिलाकर, यह विश्वास मत सिर्फ एक औपचारिक जीत नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के लिए राजनीतिक मजबूती का संदेश बन गया है—जहां बहुमत भी मिला और संदेश भी साफ दिया गया कि सरकार अपने एजेंडे पर आगे बढ़ने को तैयार है।