Patna Consumer Court: वारंटी में सेवा नहीं देना कंपनी को पड़ा भारी,पटना उपभोक्ता आयोग का सख्त फैसला

Patna Consumer Court: ग्राहकों को आकर्षक वारंटी और बेहतर आफ्टर सेल्स सर्विस का भरोसा देकर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों की जवाबदेही को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने अहम फैसला सुनाया है।

Patna Consumer Court: ग्राहकों को आकर्षक वारंटी और बेहतर आफ्टर सेल्स सर्विस का भरोसा देकर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों की जवाबदेही को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। वारंटी अवधि में खराब हुए Sony LED टीवी की मरम्मत नहीं कराने और बार-बार शिकायत के बावजूद समुचित सेवा उपलब्ध नहीं कराने के मामले में Sony India Pvt. Ltd. को उपभोक्ता को पूरी खरीद राशि ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया गया है। आयोग ने कंपनी को 50,990 रुपये की मूल कीमत पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के साथ 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से उपभोक्ता अधिकारों और कंपनियों की सेवा संबंधी जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश गया है।

वारंटी में टीवी खराब, सर्विस सेंटर ने खड़े किए हाथ

यह मामला पटना निवासी प्रवीण कुमार से जुड़ा है। उन्होंने Sony कंपनी का LED टीवी 50,990 रुपये में खरीदा था। खरीदारी के कुछ समय बाद वारंटी अवधि के दौरान ही टीवी में खराबी आ गई। इसके बाद उपभोक्ता ने कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन आवश्यक स्पेयर पार्ट उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर टीवी की मरम्मत नहीं की जा सकी। उपभोक्ता ने कई बार कंपनी और सर्विस सेंटर से संपर्क कर समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। आखिरकार उन्हें उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

सेवा में कमी मानते हुए कंपनी पर आर्थिक जिम्मेदारी

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने वारंटी अवधि में खराब उत्पाद की मरम्मत नहीं होने और बिक्री के बाद अपेक्षित सेवा उपलब्ध नहीं कराने को सेवा में कमी माना। आयोग ने निर्देश दिया कि कंपनी शिकायत दर्ज होने की तारीख 24 नवंबर 2016 से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित 50,990 रुपये वापस करे। इसके अलावा मानसिक परेशानी और मुकदमेबाजी के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा तथा 10 हजार रुपये कानूनी खर्च भी देना होगा। सभी निर्धारित भुगतानों के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

27 अक्टूबर को सुनाया गया अहम फैसला

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, पटना के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने 27 अक्टूबर 2026 को यह आदेश पारित किया। फैसले ने स्पष्ट किया है कि वारंटी का वादा केवल कागजी औपचारिकता नहीं हो सकता। उत्पाद में खराबी आने पर कंपनी को उपभोक्ता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।