IPS कुंदन कृष्णन के पास 100 करोड़ की संपत्ति! राजद सांसद सुधाकर सिंह का बड़ा खुलासा, पटना सहित इन जगहों पर घर-जमीन

सांसद का दावा है कि कुंदन कृष्णन और उनके परिवार के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां हैं। उन्होंने पटना के नाला रोड, नालंदा के बिंद और दरियापुर के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम में फ्लैट और जमीन का उल्लेख किया।

Sudhakar Singh Alleges IPS Kundan Krishnan- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार STF के DG और IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन की ओर से 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद RJD सांसद सुधाकर सिंह ने तीखा पलटवार किया और पुलिस अधिकारी के पास करोड़ों की संपत्ति होने का दावा किया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि वह इस तरह की कानूनी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। जनता के प्रतिनिधि के रूप में सवाल उठाना उनका संवैधानिक दायित्व है। सुधाकर सिंह ने कुंदन कृष्णन और उनके परिवार की संपत्तियों को लेकर कई सवाल उठाते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।


यह विवाद भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत और IPS अधिकारी की संपत्तियों से जुड़े आरोपों के बाद शुरू हुआ। सुधाकर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक बयानों में अधिकारी तथा उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों को लेकर कई दावे किए हैं।


100 करोड़ से अधिक की संपत्ति होने का दावा

सांसद का दावा है कि कुंदन कृष्णन और उनके परिवार के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां हैं। उन्होंने पटना के नाला रोड, नालंदा के बिंद और दरियापुर के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम में फ्लैट और जमीन का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि संपत्तियों के सरकारी मूल्य और वास्तविक बाजार मूल्य में काफी अंतर है। सुधाकर सिंह ने पटना के बैरिया और सिमली मुरारपुर में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर रितेश रंजन सिंह उर्फ बिट्टू सिंह के साथ कथित वित्तीय संबंधों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली-NCR में रवि शेखर के माध्यम से किए जा रहे संपत्ति निवेश की जांच की मांग की है।


संपत्ति घोषणा में गड़बड़ी का आरोप

RJD सांसद ने दावा किया कि रूपसपुर थाना क्षेत्र के धनौत मौजे की एक जमीन को वर्ष 2021 की संपत्ति घोषणा में बेचा हुआ बताया गया, जबकि बिहार भूमि पोर्टल पर वह अब भी अधिकारी के नाम दर्ज है। उन्होंने पटना सिटी के ट्रांसपोर्ट नगर में 14 डिसमिल से अधिक जमीन का भी उल्लेख किया, जिसका बाजार मूल्य करीब 7 करोड़ रुपये बताया। आरोप है कि इसका विवरण वार्षिक संपत्ति घोषणा में नहीं है। नालंदा के बिंद गांव में 2018 में खरीदी गई एक अन्य जमीन का ब्योरा छिपाने का भी दावा किया गया है।


इसके अलावा उन्होंने अधिकारी की पत्नी डॉ. मल्लिका सिंह के नाम पर बैरिया और सिमली मुरारपुर में जमीन होने की बात कही। सिमली मुरारपुर की 94 डिसमिल जमीन भारती इंफ्राटेल लिमिटेड को लीज पर देने से हुई आय और उसके आयकर विवरण की जांच की मांग भी की है। सुधाकर सिंह ने अधिकारी और उनकी पत्नी के पास करीब चार-चार करोड़ रुपये के नकद, सोना, हीरा और अन्य कीमती रत्न होने का दावा करते हुए इनके स्रोत पर सवाल उठाए। उन्होंने परिवार की कृषि भूमि को लेकर बिहार के भूमि सुधार एवं अधिकतम सीमा निर्धारण कानून के पालन की भी जांच की मांग की।


'वर्दी कानून से ऊपर नहीं'

सुधाकर सिंह ने कहा कि वर्दी कानून से ऊपर नहीं है और सरकारी सेवा निजी संपत्ति का साम्राज्य खड़ा करने का लाइसेंस नहीं हो सकती। उन्होंने सवाल किया कि यदि संपत्तियों का अधिग्रहण वैध और पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच से पीछे हटने की जरूरत क्यों है? सांसद ने पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

रंजन की रिपोर्ट