Tej Pratap Aishwarya Divorce Case: तेजप्रताप-ऐश्वर्या की शादी बचेगी या टूटेगी? 2 बार की नाकामी के बाद आज फैमिली कोर्ट ने होगी सुलह की आखिरी कोशिश

Tej Pratap Aishwarya Divorce Case: तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या यादव के बीच सुलह होगी या दोनों का तलाक हो कर इसको लेकर आज फैमिली कोर्ट में सुनवाई होगी। साथ ही दोनों के बीच मध्यस्थता की एक और कोशिश की जाएगी।

तेजस्वी-ऐश्वर्या तलाक केस में आज सुनवाई - फोटो : social media

Tej Pratap Aishwarya Divorce Case: राजद सुप्रीमो लालू यादव और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव इन दिनों अपने पारिवारिक जीवन को लेकर सुर्खियों में हैं। आज उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय के बीच चल रहे तलाक मामले में मंगलवार को एक बार फिर सुलह की कोशिश होगी। पटना फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय की अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार मध्यस्थता का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट पहले ही दोनों पक्षों को मध्यस्थता प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दे चुका है। यह मामला पहले फैमिली कोर्ट में चला, फिर पटना हाईकोर्ट पहुंचा और अब दोबारा फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है।

तेज प्रताप ऐश्वर्या के तलाक मामले में सुनवाई 

फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज सुनील दत्त पांडेय के समक्ष दोनों पक्षों के बीच तीसरी बार मध्यस्थता का प्रयास किया जाएगा। अदालत ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान की दिशा में सहयोग करने का निर्देश दिया है। दरअसल, तलाक से जुड़ा यह मामला पहले फैमिली कोर्ट में चला, फिर पटना हाईकोर्ट तक पहुंचा और अब दोबारा फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट पहले ही ऐश्वर्या की रिव्यू पिटीशन खारिज कर चुका है और कहा है कि वह मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। अदालत ने फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया था कि छह माह के भीतर मामले का निपटारा किया जाए, हालांकि तय समयसीमा बीत चुकी है।

पहले भी हो चुकी है मध्यस्थता

सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण कुमार झा ने स्पष्ट किया था कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत तलाक के मामलों का शीघ्र निपटारा अपेक्षित है। अब आगे की कार्रवाई फैमिली कोर्ट में ही होगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पहले भी दो बार मध्यस्थता की कोशिश हो चुकी है। एक बैठक पटना चिड़ियाघर में कोर्ट के निर्देश पर आयोजित हुई थी, जबकि दूसरी बैठक पटना के एक बड़े होटल में हुई, जिसमें लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे। हालांकि दोनों प्रयास बेनतीजा रहे। बताया जाता है कि तेज प्रताप तलाक चाहते हैं, जबकि ऐश्वर्या तलाक के पक्ष में नहीं हैं।

आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी पेच

मामले में कई गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। ऐश्वर्या ने अपनी सास राबड़ी देवी पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि पर्याप्त साक्ष्य नहीं हुए तो अदालत तलाक याचिका खारिज भी कर सकती है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि वैवाहिक संबंधों के बाहर संबंधों के आरोप साबित होते हैं तो यह मामला हिंदू मैरिज एक्ट के तहत अलग कानूनी आयाम ले सकता है।

गुजारा भत्ता और आवास विवाद

फैमिली कोर्ट पहले ऐश्वर्या को अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दे चुका है। आवास को लेकर भी विवाद रहा है। तेज प्रताप की ओर से गोला रोड स्थित एक फ्लैट उपलब्ध कराया गया था, लेकिन ऐश्वर्या ने वहां रहने से इनकार कर दिया। उन्होंने एसके पुरी इलाके में सुविधायुक्त आवास और प्रति माह डेढ़ लाख रुपये भत्ता की मांग की है। गौरतलब है कि तेजप्रताप यादव और ऐश्वर्या राय की शादी 12 मई 2018 को बड़े धूमधाम से हुई थी। 2019 में दोनों के रिश्ते में तनाव खुलकर सामने आया। ऐश्वर्या ने आरोप लगाया था कि उन्हें ससुराल में प्रताड़ित किया गया। इसके बाद मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया और तलाक तक पहुंच गया। अब सबकी नजरें फैमिली कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या आज सुलह का रास्ता निकलता है या यह हाईप्रोफाइल मामला आगे और कानूनी पेचीदगियों में उलझेगा।