Tejashwi Yadav: नौकरी के मुद्दे पर तेजस्वी का सम्राट सरकार पर हमला, तीन साल पुराना इतिहास याद दिलाया
Tejashwi Yadav: हैदराबाद दौरे की चर्चाओं के बीच तेजस्वी यादव ने बिहार में सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया है।...
Tejashwi Yadav: हैदराबाद दौरे की चर्चाओं के बीच तेजस्वी यादव ने बिहार में सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 2 नवंबर 2023 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की याद दिलाते हुए कहा कि उस दिन बिहार ने इतिहास रचा था। एक साथ 1 लाख 20 हजार 336 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। तेजस्वी ने इसे देश के इतिहास का अभूतपूर्व आयोजन बताया।
तेजस्वी यादव ने अपने राजनीतिक तेवर को शायराना अंदाज में भी जाहिर किया है। उन्होंने कहा-"मैं गरुड़ कृष्ण मै पक्षिराज,सिर पर ना चाहिए मुझे ताज!रण-खेत पाटना है मुझको,अहिपाश काटना है मुझको!"उनकी इन पंक्तियों को राजनीतिक संघर्ष और सत्ता के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।उन्होंने कहा कि 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब उन्होंने राजद की सरकार बनने पर वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे असंभव करार दिया था। तेजस्वी के मुताबिक, उस समय राजनीतिक विरोधियों और समाचार चैनलों पर भी इस वादे को लेकर सवाल उठाए गए थे।
10 लाख नौकरी के वादे पर नीतीश से किया था गठबंधन, तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली का दावा
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि 2022 में जब नीतीश कुमार ने भाजपा से अलग होकर महागठबंधन का साथ लिया, तब युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी देने का मुद्दा उनकी प्राथमिकता में था। इसी शर्त पर उन्होंने सरकार को समर्थन दिया था।उन्होंने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद TRE-1 और TRE-2 की प्रक्रिया शुरू कराई गई। BPSC के माध्यम से तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली हुई। परीक्षा बिना पेपर लीक के संपन्न कराने और समय पर परिणाम जारी करने का भी उन्होंने दावा किया।तेजस्वी ने कहा कि 2 नवंबर 2023 को गांधी मैदान में 1,20,336 नियुक्ति पत्र बांटे गए और उन्होंने इसका पूरा श्रेय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया।
स्वास्थ्य विभाग में 1.30 लाख बहाली की तैयारी रोकने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि 10 लाख नौकरी देने की योजना के तहत शिक्षक नियुक्ति केवल पहला चरण था। कई अन्य विभागों में भी बहाली का ब्लूप्रिंट तैयार था। उनके मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग में पब्लिक हेल्थ कैडर के तहत 1 लाख 30 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की योजना बनाई गई थी, लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित फाइल रोक दी।उन्होंने जनवरी 2024 में महागठबंधन सरकार गिराए जाने को युवाओं के हितों के खिलाफ उठाया गया कदम बताया।
नौकरी मांगने पर युवाओं को मिली लाठी, NDA सरकार पर तेजस्वी का प्रहार
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद नौकरी की मांग करने वाले युवाओं को लाठियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, ठंड में पानी डालने और प्रदर्शनकारियों के घायल होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।
सियासी संघर्ष के साथ संगठन विस्तार पर नजर
एक तरफ तेजस्वी यादव नौकरी और रोजगार के मुद्दे पर नीतीश कुमार तथा एनडीए को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ हैदराबाद दौरे के जरिए संगठनात्मक विस्तार की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह