Mahagathbandhan Protest: SIR पर संग्राम, पटना में महागठबंधन का लोकभवन मार्च, बैरिकेडिंग तोड़ने पर हंगामा, भारी फोर्स तैनात

Mahagathbandhan Protest: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर महागठबंधन का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को पटना में तेज हो गया।...

पटना में महागठबंधन का लोकभवन मार्च- फोटो : reporter

Mahagathbandhan Protest: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर महागठबंधन का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को पटना में तेज हो गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन मार्च के लिए सड़क पर उतर रहे हैं। मार्च को देखते हुए प्रशासन ने सचिवालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सप्तमूर्ति के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है

तेजस्वी यादव के पहुंचने से पहले ही सप्तमूर्ति के पास राजद और महागठबंधन के नेताओं-कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। राजद नेताओं को आगे बढ़ने से रोके जाने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।

प्रदर्शन स्थल पर राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर नारेबाजी करती नजर आईं। वहीं राजद के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद कड़ा बयान देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR वापस लेने और मतदाता सूची को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर सरकार तथा चुनाव आयोग से जवाब मांगने के नारे लगाए जा रहे हैं।

महागठबंधन का निर्धारित मार्च सप्तमूर्ति से शुरू होकर चुनाव आयोग कार्यालय के रास्ते लोकभवन तक पहुंचने वाला है। वहां राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित मांगें रखी जानी हैं। मार्च करीब दो किलोमीटर का बताया गया है।

इससे पहले बुधवार को महागठबंधन ने राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और प्रदर्शन किया था। पटना में भी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद गुरुवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में बड़े मार्च का कार्यक्रम रखा गया। 

तेजस्वी यादव लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार में SIR की शुरुआत के बाद मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया गया है। तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और चुनाव आयोग तथा भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस की निगाह प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर है और प्रशासन की कोशिश है कि मार्च निर्धारित मार्ग और तय व्यवस्था के भीतर रहे। दूसरी ओर महागठबंधन नेताओं ने साफ किया है कि SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह के साथ नरोत्तम सिंह