Bihar Crime: बिहार में सर्वे के नाम पर रिश्वत के खेल का हुआ खुलासा, पैसे लेते VIDEO वायरल ,मचा हड़कंप

Bihar Crime: वीडियो में एक सरकारी अमीन के किसान से कथित तौर पर पैसे लेते हुए नजर आने का दावा किया जा रहा है।..

 Bribe Video Viral
सर्वे के नाम पर रिश्वत का खेल- फोटो : reporter

Bihar Crime: वीडियो में एक सरकारी अमीन के किसान से कथित तौर पर पैसे लेते हुए नजर आने का दावा किया जा रहा है। मुजफ्फरपुर के बंदरा प्रखंड में जमीन सर्वे के नाम पर रिश्वत लिए जाने के आरोप से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो में एक सरकारी अमीन के किसान से कथित तौर पर पैसे लेते हुए नजर आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी सर्वे व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं मामले को लेकर पीड़ित किसान समेत कई लोगों ने बंदरा के सर्वे पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

मामला बंदरा प्रखंड के मोहनपुर मौजा संख्या 883 से जुड़ा बताया जा रहा है। मोहनपुर निवासी रंजीत यादव समेत कई लोगों की ओर से सर्वे पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में सरकारी अमीन रमन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इलाके में जमीन सर्वे का काम रमन कुमार की देखरेख में किया जा रहा है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सर्वे के दौरान सरकारी अमीन पहले संबंधित प्लॉट पर जाकर लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करते हैं। इसके बाद जमीन का बंटवारा, नक्शा काटने और सैटेलाइट नक्शे में रकबा दुरुस्त करने के नाम पर कथित तौर पर दो हजार से पांच हजार रुपये तक की मांग की जाती है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रकम नहीं देने पर नक्शे में प्लॉट को गलत तरीके से दर्ज कर देने की धमकी भी दी जाती है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने मामले को और तूल दे दिया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वीडियो में सरकारी अमीन रमन कुमार एक किसान से कथित तौर पर पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब शिकायतकर्ताओं ने सर्वे पदाधिकारी के समक्ष लिखित आवेदन देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जमीन का सर्वे आम किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में यदि सर्वे के नाम पर किसी तरह की अवैध वसूली की जाती है तो इससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जमीन के दस्तावेजों को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित तौर पर पैसे लिए गए थे या नहीं और इस पूरे मामले में किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं। संबंधित अमीन का पक्ष और प्रशासन की ओर से जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा