'अहंकार की हार', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार को तेजस्वी ने घेरा, बताया- दमनकारी सरकार

NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कई दिनों से छात्रों और युवा संगठनों का आंदोलन जारी था जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है. अब इस पर तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार को घेरा है.

Tejashwi Yadav on Dharmendra Pradhan- फोटो : news4nation

Paper Leak : CJP द्वारा पेपर लीक को लेकर हुए आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया. राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस पर मोदी सरकार को आड़े हाथों किया है और अहंकार की हार कहा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में कहा, सच्चाई, हक, संघर्ष और न्याय की जीत!  दमनकारी सरकार के झूठ, पैंतरे और अहंकार की हार! छात्र और युवा शक्ति को अनंत बधाई! बहुत से सवाल अनुत्तरित है। देश के जागरूक युवा जवाबदेही तय करवाते रहेंगे।


दरअसल, NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में हो विरोध प्रदर्शन के बीच अंततः केंद्र की मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है. वहीं सीजेपी डेलिगेशन सरकार से बातचीत के लिए कांस्टीट्यूशन क्लब पहुंचा है. उन्होंने केंद्र सरकार से आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा, छात्र आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई न हो और RAF और दिल्ली पुलिस की ओर से सार्वजनिक माफ़ी की मांग की है. 


NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कई दिनों से छात्रों और युवा संगठनों का आंदोलन जारी था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के नेतृत्व में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। इसके बाद आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रूप लेना शुरू कर दिया।


राहुल गांधी ने भी किया था छात्रों की मांगों का समर्थन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने छात्रों की तीन मांगों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार छात्रों को धमका सकती है, लेकिन उनके आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और सरकार की पूरी ताकत भी उन्हें आंदोलन से पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि “नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।”


केंद्र और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत

लगातार बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर हुए। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही तय करना शामिल था।सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों और फास्ट-ट्रैक अदालतों की दिशा में कदम उठाने की बात कही थी। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर गतिरोध बना हुआ था। आंदोलनकारी संगठन लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि केवल प्रशासनिक बदलाव या नई व्यवस्था का ऐलान पर्याप्त नहीं है।