Muzaffarpur News: बिहार बंद के बीच मुजफ्फरपुर में हालात सामान्य,कल्याणी चौक से पानी टंकी चौक तक DM-SSP ने किया पैदल मार्च
बंद के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुजफ्फरपुर के डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा सुरक्षा बलों के साथ खुद सड़क पर उतरे।कल्याणी चौक से पानी टंकी चौक तक फ्लैग मार्च निकाला गया।ड्रोन और सीसीटीवी से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है
बिहार बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में हिंसा और उपद्रव की खबरें सामने आईं, वहीं मुजफ्फरपुर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रित और सामान्य रही। यहाँ बंद समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन किया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर के सभी प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर मजिस्ट्रेटों के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।
डीएम और एसएसपी के नेतृत्व में निकला फ्लैग मार्च
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और आम जनता में विश्वास जगाने के लिए मुजफ्फरपुर के डीएम कुमार गौरव और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा खुद सड़कों पर उतरे। अधिकारियों ने कल्याणी चौक से पानी टंकी चौक तक भारी पुलिस बल के साथ पैदल फ्लैग मार्च किया। इस फ्लैग मार्च में सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी, एसडीएम (पूर्वी) आनंद उत्सव और नगर आयुक्त समेत जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी शामिल रहे।
ड्रोन, सीसीटीवी और सोशल मीडिया पर पैनी नजर
फ्लैग मार्च के दौरान डीएम कुमार गौरव ने बताया कि पूरे जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण है। उपद्रवी तत्वों पर लगाम कसने के लिए पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है। इसके अलावा, किसी भी तरह की अफवाह या शांति भंग करने की कोशिश को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष साइबर टीम द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है।
एसएसपी की अपील: शांतिपूर्ण आंदोलन करें छात्र, उपद्रवियों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जिलेवासियों और प्रदर्शनकारी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना अधिकार है, लेकिन उपद्रव या तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की आईटी सेल डिजिटल गतिविधियों पर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है ताकि जिले की विधि-व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
मुजफ्फरपुर से मणिभूषण की रिपोर्ट