तेजस्वी यादव ने बिहार की बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की, चिराग द्वारा बिहार के नेताओं की प्रतिमा लगाने की बात का किया समर्थन

बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केन्द्र सरकार से बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। वहीं केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान के बिहार के दिग्गज नेताओं की प्रतिमा लगाने की बात का समर्थन किया है.....

तेजस्वी की केन्द्र सरकार से मांग- फोटो : रंजन कुमार

Patna : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर स्वर्गीय रामविलास पासवान और स्वर्गीय शरद यादव जैसे महान नेताओं की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित करने का आग्रह किया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि समाज और राजनीति में अहम योगदान देने वाले सभी पुरोधायों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रतीक रहे इन नेताओं की स्मृति को सहेजने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।


राघोपुर और दियारा में बाढ़ का कहर 

राघोपुर और दियारा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरा इलाका जलमग्न हो चुका है। हजारों लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं और भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को बार-बार सूचित और सतर्क करने के बावजूद जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य न के बराबर हो रहे हैं, जिससे प्रभावित जनता बेहाल है।


केंद्र सरकार से 'राष्ट्रीय आपदाघोषित करने की मांग राज्य सरकार की उदासीनता के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर भी बिहार के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि बिहार की स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत एक विशेष केंद्रीय दल भेजा जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि स्थिति की भयावहता को देखते हुए केंद्र सरकार बिहार के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करे और इस बाढ़ को तत्काल 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करे।


राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही का आरोप 

प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए राजद नेता ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को जर्जर और असुरक्षित नावें मुहैया कराई जा रही हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए बताया कि हाल ही में तैनात की गई एनडीआरएफ टीम की नाव तक पंचर हो गई और उसकी हवा निकल गई, जो सरकार की तैयारियों का सच उजागर करती है। इसके अलावा, राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और प्रशासन लाभार्थियों की सूची साझा करने से भाग रहा है।


नाम बदलने की राजनीति और संगठन की मजबूती 

बख्तियारपुर का नाम बदलने से जुड़ी राजनीतिक चर्चाओं पर तेजस्वी यादव ने कहा कि यह पूरी तरह से फिजूल और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी बयानबाजियों का जनहित से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, अपनी पार्टी की भावी रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि राजद अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर लगातार बैठकें कर रहा है, ताकि जनहित के मुद्दों और सरकार की विफलताओं पर मजबूती से आवाज उठाई जा सके।

रंजन की रिपोर्ट