विराट रामायण मंदिर में सावन की पहली सोमवारी से 33 इंच के लघु सहस्रलिंगम पर शुरू होगी रुद्राभिषेक की सुविधा, अयोध्या से आएंगे दो पुजारी

सावन में रुद्राभिषेक कराने वालों के लिए खुशखबरी है। पूर्वी चंपारण में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में स्थापित 33 इंच के लघु सहस्रलिंगम पर सावन की पहली सोमवारी से रुद्राभिषेक की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है....

विराट रामायण मंदिर में सावन की पहली सोमवारी से रुद्राभिषेक की सुविधा- फोटो : वंदना

Patna : पूर्वी चंपारण (कैथवलिया) स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में सावन महीने को लेकर श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से शुरू हो गया है जो 28 अगस्त तक चलेगा। सावन की पहली सोमवारी 3 अगस्त को है, इसी दिन से विराट रामायण मंदिर के शिव मंडप में स्थापित 33 इंच के लघु सहस्रलिंगम पर रुद्राभिषेक की औपचारिक शुरुआत होगी।


अयोध्या से बुलाए गए विशेष पुजारी, 1100 रुपए में होगी बुकिंग

श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा संचालित इस मंदिर में रुद्राभिषेक कराने के लिए अयोध्या से दो विशेष पुजारियों को तैनात किया गया है। रुद्राभिषेक कराने के लिए 1100 रुपए का शुल्क तय किया गया है, जबकि पूजा सामग्री श्रद्धालुओं को स्वयं लानी होगी। रुद्राभिषेक की अग्रिम बुकिंग के लिए संपर्क नंबर 9717974548 (सुमन) जारी किया गया है। जलाभिषेक के लिए अत्यधिक भीड़ होने पर अरघा की भी व्यवस्था की जाएगी।


परिसर में ही मिलेगा नैवेद्यम और फूल-माला, न्यास समिति ने पूरी की तैयारियां

दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों की सुविधा के लिए 3 अगस्त से ही शिव मंडप प्रांगण में 'नैवेद्यम' प्रसाद और फूल-माला के विशेष काउंटर शुरू कर दिए जाएंगे। श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि विराट रामायण मंदिर में दर्शन, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, इसके लिए सभी प्रशासनिक और धार्मिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


आकर्षण का केंद्र है 33 फीट का विश्व का सबसे बड़ा सहस्रलिंगम

विराट रामायण मंदिर में स्थापित 33 फीट ऊंचा विश्व का सबसे बड़ा सहस्रलिंगम फिलहाल मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मुख्य शिवलिंग के पास अत्यधिक भीड़ से बचने और सुचारू पूजा-अर्चना के लिए अलग से 'शिव मंडप' बनाया गया है, जहाँ 33 इंच का लघु सहस्रलिंगम स्थापित है। वर्तमान में यहाँ रोजाना 4 से 5 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनकी संख्या सावन में और बढ़ने की उम्मीद है।


120 एकड़ में बन रहा विश्व का सबसे बड़ा मंदिर, आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट

पटना से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर 120 एकड़ भूमि में बन रहा यह विराट रामायण मंदिर पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर में कुल 22 मंदिर और 18 शिखर होंगे, जो पूर्ण निर्माण के बाद विश्व का सबसे विशाल रामायण मंदिर बनेगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है, इसलिए मंदिर प्रशासन भक्तों को बेहतर आध्यात्मिक अनुभव देने में जुटा है।


वंदना की रिपोर्ट