आरक्षण बढ़ाओ संविधान बचाओ समिति ने किया एलान, 8 सितंबर को पटना में आरक्षण समर्थकों का होगा महाजुटान
Patna : राजधानी पटना स्थित आंबेडकर भवन में 'आरक्षण बढ़ाओ संविधान बचाओ संघर्ष समिति' द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में बड़ा एलान किया गया है। समिति के संयोजक अमर आजाद पासवान और उनके सहयोगियों ने घोषणा की है कि आगामी 8 सितंबर को आरक्षण के समर्थन में और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा को लेकर पटना में अनुसूचित जाति व जनजाति समाज का एक विशाल महाजुटान और जन-आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
दलित-आदिवासी समाज पर आज भी हो रहे अत्याचार, आरक्षण विरोधियों पर साधा निशाना प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए समिति के संयोजक अमर आजाद पासवान ने कहा कि आज भी देश में दलित और आदिवासी समाज को जाति के आधार पर प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दलित समाज के व्यक्ति के आईएएस या आईपीएस बनने के बाद भी उन्हें जातीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद कुछ ताकतें एससी-एसटी समाज को मिलने वाले आरक्षण का विरोध कर रही हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
बिहार में 65% आरक्षण और न्यायपालिका व निजी क्षेत्र में कोटा लागू करने की मांग
समिति ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए बिहार में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही निजी क्षेत्र तथा न्यायपालिका (सुप्रीम कोर्ट सहित) में भी आरक्षण व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। समिति ने जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त करने और आरक्षण कानूनों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई।
दलित हत्याओं पर रोक, ठेकेदारी में 59% आरक्षण और प्रमोशन में कोटा की वकालत
नेताओं ने बिहार में दलितों के खिलाफ हो रहे अपराधों और हत्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन पर अविलंब रोक लगाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, राज्य में सरकारी ठेकेदारी में 59 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और एससी-एसटी कर्मचारियों को पदोन्नति (प्रमोशन) में आरक्षण की सुविधा देने की मांग रखी गई, ताकि आर्थिक और प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
प्रेस वार्ता में कई प्रमुख नेता रहे मौजूद
8 सितंबर के आंदोलन को सफल बनाने के लिए विभिन्न दलित एवं सामाजिक संगठनों ने मिलकर रणनीति तैयार कर ली है। इस प्रेस वार्ता में संयोजक अमर आजाद पासवान के अलावा सामंत प्रधान, प्रो. शशिकांत पासवान, सोनू सम्राट, सौरव कुमार, विकास कुमार, चंद्रमनी पासवान, मंजीत रविदास, विकास निखिल, अमरजीत राम और सुधीर रजक समेत कई प्रमुख प्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नरोत्तम की रिपोर्ट