Aadhaar Update: आधार कार्ड में एक बार के बाद जिंदगी में कभी नहीं बदल पाएंगे ये जानकारी, आज ही जान लें नियम, भूलकर भी न करें गलती!

Aadhaar Update: भारत में आज आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज बन चुका है। देश की लगभग 90 फीसदी आबादी के पास आधार कार्ड मौजूद है। ऐसे में आधार कार्ड में दर्ज जानकारी का सही होना बेहद जरूरी है।

कहीं रद्दी का कागज ना बन जाए 'आधार'!- फोटो : social media

Aadhaar Update:  आज के डिजिटल दौर में आधार कार्ड (Aadhaar Card) सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी की चाबी है। बैंक खाता खुलवाना हो, सिम कार्ड लेना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना आधार के बिना सब अधूरा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधार कार्ड बनवाते समय या उसे अपडेट करते समय की गई एक मामूली सी लापरवाही आपको हमेशा के लिए मुसीबत में डाल सकती है? जी हाँ, UIDAI के बेहद सख्त नियमों के मुताबिक, आधार में मौजूद हर जानकारी को आप जब चाहें तब नहीं बदल सकते। कुछ ऐसी संवेदनशील जानकारियां हैं जिन्हें सुधारने का मौका आपको जिंदगी में सिर्फ एक बार मिलता है। अगर वह लिमिट खत्म हो गई, तो आपका आधार कार्ड एक 'रद्दी कागज' के समान हो सकता है और आप सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक जाएंगे।

UIDAI का सख्त नियम 

जानकारी अनुसार आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कुछ जानकारियों को अपडेट करने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। इनमें दो ऐसी महत्वपूर्ण डिटेल्स भी शामिल हैं जिन्हें जीवन में केवल एक बार ही बदला जा सकता है। आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि यानी डेट ऑफ बर्थ बेहद अहम जानकारी होती है। यदि यह गलत दर्ज हो गई हो, तो इसे अपडेट कराने का मौका केवल एक बार ही मिलता है।

जन्मतिथि केवल एक बार बदलने की अनुमति

जन्मतिथि बदलने के लिए आवेदक को सही दस्तावेज जमा करने होते हैं, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य मान्य प्रमाण पत्र। UIDAI इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही बदलाव को मंजूरी देता है। अगर पहली बार में ही सही तरीके से अपडेट नहीं कराया गया या दोबारा बदलाव की कोशिश की गई, तो रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं की जाती। इसलिए आधार बनवाते या अपडेट करते समय जन्मतिथि बिल्कुल सही देना जरूरी है।

जेंडर में बदलाव भी सिर्फ एक बार

आधार कार्ड में दर्ज जेंडर यानी लिंग संबंधी जानकारी को भी पूरे जीवन में केवल एक बार ही बदला जा सकता है। UIDAI के नियमों के अनुसार यदि किसी कारणवश जेंडर में बदलाव की जरूरत पड़ती है, तो इसके लिए वैध दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है। कई मामलों में सरकारी पहचान पत्र, मेडिकल या कानूनी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद ही अधिकारी बदलाव की अनुमति देते हैं। इसलिए आवेदन करते समय दी गई जानकारी पूरी तरह सही और प्रमाणित होनी चाहिए।