Bihar Police: ड्यूटी में ड्रामा नहीं चलेगा,पुलिस मुख्यालय ने साफ किया अपना स्टैंड-मैनुअल से बाहर कुछ नहीं, फेक खबरों का खुला खेल!

Bihar Police: वर्दी में रील्स पर हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यालय का कहना है कि नया फरमान नहीं है,मगर पुलिस मैनुअल की सख्ती से पालना की जाएगी।...

नो शो-ऑफ इन यूनिफॉर्म- फोटो : social Media

Bihar Police: पुलिस महकमे में इन दिनों वर्दी में रील्स को लेकर जो हंगामा मचा हुआ है, उस पर अब पुलिस मुख्यालय ने बड़ा खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सख्ती वाली खबरों को भ्रामक बताते हुए साफ कर दिया गया है कि ऐसा कोई नया आदेश या फरमान जारी नहीं हुआ है। यानी मामला जितना दिखाया जा रहा था, उतना तूफानी नहीं, लेकिन अनुशासन पर शिकंजा पहले से ही कस कर रखा गया है।

दरअसल, हाल के दिनों में कई पुलिसकर्मी वर्दी में रील्स और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते पकड़े गए थे। इसके बाद मुख्यालय ने सॉफ्ट वार्निंग देते हुए सिर्फ इतना कहा था कि सभी कर्मी पुलिस मैनुअल और एसओपी के मुताबिक ही व्यवहार करें। लेकिन सोशल मीडिया पर इसे नए कड़क आदेश के तौर पर पेश कर दिया गया, जिससे कन्फ्यूजन फैल गया।

मुख्यालय ने साफ लफ्जों में कहा है कि 20 अप्रैल को जो निर्देश दिए गए थे, वो कोई नया कानून नहीं बल्कि पहले से मौजूद नियमों यानी पुलिस मैनुअल का पालन सुनिश्चित कराने के लिए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) की ओर से भी सोशल मीडिया उपयोग को लेकर जो गाइडलाइन है, उसी का हवाला दिया गया था।

असल कहानी बिहार पुलिस हस्तक 1978 के नियम-1061 में छिपी है, जहां वर्दी की गरिमा, पहनावे और आचरण को लेकर साफ-साफ कायदे लिखे गए हैं। इसमें वर्दी के साथ फालतू आभूषण, जाति-चिन्ह, या अजीबोगरीब स्टाइल पर रोक है। ड्यूटी के दौरान पान-गुटखा, धूम्रपान और आधी वर्दी-आधा सिविल लुक भी मना है यानी वर्दी में स्टाइलबाजी नहीं, सिर्फ अनुशासन चलेगा।

पुलिस मुख्यालय ने ये भी साफ कर दिया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नई पाबंदी की खबर पूरी तरह से गुमराह करने वाली है। हकीकत ये है कि नियम पहले से लागू हैं, बस अब उन्हें सख्ती से याद दिलाया जा रहा है।

अब साफ है रील्स बनाना मुद्दा नहीं, वर्दी की गरिमा से खिलवाड़ करना असली गुनाह है। और इस पर पुलिस महकमा अब कोई ढील देने के मूड में नहीं दिख रहा।