नीतीश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा से पहले उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात, राज्यसभा जीत को लेकर यह है प्लान

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कोई नई बात नहीं है, वे पहले भी कई बार मिलते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चा पर भी प्रतिक्रिया दी।

Upendra Kushwaha met Nitish Kumar- फोटो : news4nation

Bihar News:  बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान संजय झा भी मौजूद रहे, जो जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सभी पांच सीटों पर जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर सहयोगी दलों के बीच लगातार बातचीत होती रहती है और मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात भी उसी क्रम का हिस्सा है।


उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कोई नई बात नहीं है, वे पहले भी कई बार मिलते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चा पर भी प्रतिक्रिया दी। कुशवाहा ने कहा कि वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए। उनके अनुसार यह एक सकारात्मक कदम हो सकता है।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि अगर वे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होते हैं तो बिहार के लोगों को स्वाभाविक रूप से कुछ कमी महसूस होगी। उन्होंने कहा कि अभी तक नीतीश कुमार बिहार में रहकर राजनीति करते थे, लेकिन अब अगर वे दिल्ली में रहेंगे और वहीं से राजनीति करेंगे तो लोगों को उनका अभाव जरूर महसूस होगा। दरअसल, नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद से यह चर्चा तेज हो गई है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन तय है। 


राज्यसभा चुनाव के गणित की बात करें तो यह चुनाव उपेंद्र कुशवाहा के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यदि तीन विधायकों की जरूरत पड़ी तो वे विपक्ष से समर्थन कैसे जुटाएंगे, इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जरूरत पड़ी तो वे पत्रकारों से ही विधायक मांग लेंगे।


दरअसल, बिहार विधानसभा में एनडीए के 202 विधायक होने के कारण 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव जितना तय है। वहीं पांचवी सीट पर उपेंद्र कुशवाहा को तभी जीत मिलेगी जब विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग हो। ऐसे में संख्या बल के हिसाब से उपेंद्र कुशवाहा के लिए फ़िलहाल मुश्किल वाली स्थिति है।