वंदे भारत स्लीपर में माननीय-अधिकारियों के लिए 'वीआईपी कल्चर' खत्म: बिना कन्फर्म टिकट नहीं होगा सफर, रेलवे ने जारी किया नया किराया चार्ट
भारतीय रेलवे ने बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर क्रांतिकारी बदलावों की घोषणा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देशों के बाद जारी नए परिपत्र के अनुसार, यह ट्रेन पूरी तरह 'आम आदमी' की ट्रेन होगी, जिसमें अफसरों या मंत्रियों के लिए को
Patna - वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए रेलवे ने आरक्षण नियमों को बेहद सख्त और पारदर्शी बनाया है। इस ट्रेन में अब आरएसी (RAC) या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा; केवल पूर्ण रूप से कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 'वीआईपी कल्चर' को खत्म करना है, जिसके तहत किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के लिए कोई विशेष बर्थ आरक्षित नहीं होगी। हालांकि, महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और ड्यूटी पास धारकों को नियमानुसार आरक्षण मिलता रहेगा।
400 किमी का न्यूनतम किराया और स्लैब
रेलवे ने इस ट्रेन के लिए न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर निर्धारित की है। इसका अर्थ है कि यदि कोई यात्री 400 किमी से कम की दूरी तय करता है, तब भी उसे कम से कम 400 किमी का ही किराया देना होगा। 400 किमी तक के लिए एसी 1 का किराया 1520 रुपये, एसी 2 का 1240 रुपये और एसी 3 का 960 रुपये तय किया गया है। इससे अधिक दूरी होने पर प्रति किलोमीटर की दरें श्रेणीवार (3.80 रुपये से 2.40 रुपये तक) लागू होंगी, जिस पर जीएसटी अलग से देय होगा।
बर्थ आवंटन में वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को प्राथमिकता
यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटो-बर्थ आवंटन प्रणाली में भी सुधार किया गया है। सिस्टम 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों और 45 वर्ष से अधिक की महिलाओं को उपलब्धता के आधार पर नीचे की बर्थ (Lower Berth) देने का प्रयास करेगा। इसके अतिरिक्त, यदि कोई यात्री छोटे बच्चे के साथ सफर कर रहा है, तो उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर नीचे की बर्थ आवंटित की जाएगी, ताकि यात्रा सुगम हो सके।
रिफंड के लिए डिजिटल भुगतान अनिवार्य
रेलवे अब रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने के लिए डिजिटल पेमेंट पर जोर दे रहा है। टिकट रद्द होने के 24 घंटे के भीतर रिफंड शुरू करने के लिए सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। काउंटर टिकटों के मामले में भी डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, जो यात्री डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पाएंगे, उन्हें रद्दीकरण पर सामान्य नियमों के तहत ही रिफंड मिलेगा।
जल्द शुरू होगा व्यावसायिक परिचालन
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में घोषित किए गए इन नियमों और किरायों में भविष्य में मामूली संशोधन संभव हैं। वंदे भारत स्लीपर का व्यावसायिक परिचालन लॉन्च के तुरंत बाद शुरू होने की उम्मीद है। नियमित यात्रियों के लिए विस्तृत समय सारणी और संचालन की तारीखों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से की जाएगी।