पटना पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल: नौ पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, थानाध्यक्षों पर गिरी गाज
पटना जिला पुलिस में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए नौ पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है। कार्य में लापरवाही के चलते दीदारगंज थानाध्यक्ष को हटाकर पुलिस केंद्र भेजा गया है, वहीं धनरूआ, नौबतपुर और नदी थानों में नए थानाध्यक्षों की नियुक्ति की गई
Patna - पटना जिला पुलिस बल में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा फेरबदल किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में तैनात नौ पुलिस पदाधिकारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और पदस्थापन किया गया है। यह निर्णय पुलिस महानिरीक्षक, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना से प्राप्त पूर्व अनुमति के बाद लिया गया है, जिसमें विशेष रूप से उन अधिकारियों को भी शामिल किया गया है जिनका कार्यकाल अभी दो वर्ष पूरा नहीं हुआ था।
इस फेरबदल में सबसे बड़ी गाज दीदारगंज के थानाध्यक्ष रणविजय कुमार पर गिरी है। उन पर अवैध मिट्टी कटाई की सूचना के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने का आरोप है। अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही के मद्देनजर उन्हें थानाध्यक्ष के पद से हटाकर वापस पुलिस केन्द्र, पटना भेज दिया गया है। उनकी जगह अब सुनील कुमार-2 को दीदारगंज का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पहले बाढ़ कोर्ट में अभियोजन एवं सुरक्षा प्रभारी के रूप में कार्यरत थे।
स्थानांतरण की सूची में धनरूआ और नौबतपुर जैसे महत्वपूर्ण थाने भी शामिल हैं। धनरूआ के थानाध्यक्ष महेश्वर प्रसाद राय ने पारिवारिक समस्याओं के कारण अर्जित अवकाश पर जाने का निर्णय लिया था, जिसके बाद उन्हें पुलिस केन्द्र भेजा गया है और उनके स्थान पर अमित कुमार को धनरूआ का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार, संजीत कुमार को नौबतपुर से हटाकर एसटीएफ (STF) में स्थानांतरित किए जाने के कारण पुलिस केन्द्र भेजा गया है, और उनकी जगह मंजीत कुमार ठाकुर को नौबतपुर थाने की कमान सौंपी गई है।
दस्तावेज़ के अनुसार, अन्य महत्वपूर्ण बदलावों में शंकर झा को नदी थाने से हटाकर चित्रगुप्तनगर का थानाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, सद्दाम हुसैन, जो पहले जे.पी. सेतु टी.ओ.पी. दीघा के प्रभारी थे, अब नदी थाने के नए थानाध्यक्ष होंगे। इसी क्रम में बिक्रम थाना से जुड़े विष्णु कुमार को जे.पी. सेतु टी.ओ.पी. का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये सभी नियुक्तियां थानों में रिक्त पदों को भरने और प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए की गई हैं।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी संबंधित पदाधिकारी बिना किसी विलंब के अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे। इस आदेश को पुलिस विभाग के आंतरिक अनुशासन को बनाए रखने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर की गई कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मियों को भी स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई है।
Report - anil kumar