गैंगरेप का आरोपी निकला उप मुखिया का पति, सांसद के साथ फोटो वायरल होने पर उबला पूर्णिया, जांच में बड़े चेहरों के शामिल होने की आशंका

पूर्णिया में हुए सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. जुनैद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जुनैद की पत्नी वर्तमान में उप-मुखिया है और उसके गहरे राजनीतिक संबंध

Purnia - : बिहार के पूर्णिया में एक युवती के साथ हुए वीभत्स सामूहिक दुष्कर्म मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. जुनैद समेत तीन को गिरफ्तार किया है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद आरोपी की सांसद पप्पू यादव के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रसूखदार आरोपी और रानजीतिक संबंधों की चर्चा ने इस मामले में पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

दरिंदगी की इंतहा: अगवा कर रात भर किया सामूहिक दुष्कर्म

पूर्णिया में चार दिन पहले बदमाशों ने एक युवती को सरेराह अगवा कर लिया था। अपराधी उसे जबरन एक मोटर गैराज में ले गए, जहाँ पूरी रात उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता को जबरन शराब पिलाई गई और उसे अमानवीय शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी गई। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। 

राजनीतिक रसूख और वायरल तस्वीर का विवाद

मामले का मुख्य आरोपी मो. जुनैद कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि इलाके का रसूखदार व्यक्ति है। उसकी पत्नी वर्तमान में उप मुखिया हैं। जुनैद की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें वह पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के साथ एक ही माला पहने नजर आ रहा है। हालांकि, यह तस्वीर कब की है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। 

सांसद के बयान पर उठ रहे सवाल

घटना के अगले दिन ही सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि बिहार में कानून का राज खत्म हो चुका है। अब मुख्य आरोपी के साथ उनकी नजदीकी दिखाने वाली तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें घेर रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। 

पुलिस की कार्रवाई और जन-आक्रोश

पूर्णिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन आरोपियों को दबोच लिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपी के राजनीतिक रसूख को देखते हुए मामले को दबाने की कोशिश न हो। मांग की जा रही है कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।