पशुपालन विभाग के चैम्बर में 11 बजे तक लटका रहा ताला, काम कराने पहुंचे लोग करते रहे इंतजार, हद है...

Bihar News: सरकारी दफ्तरों में समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी आम लोगों के कामकाज के लिए बेहद जरूरी होती है। लेकिन पशुपालन विभाग के कार्यालय की कुछ तस्वीरें विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।...

पशुपालन विभाग के चैम्बर में 11 बजे तक लटका रहा ताला- फोटो : reporter

Bihar News: सरकारी दफ्तरों में समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी आम लोगों के कामकाज के लिए बेहद जरूरी होती है। लेकिन सहरसा में पशुपालन विभाग के कार्यालय की कुछ तस्वीरें विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि सुबह करीब 11 बजे तक कार्यालय के एक चैम्बर में ताला लटका रहा, जिसके कारण अपने काम के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।तस्वीरें सहरसा के पशुपालन विभाग के कार्यालय की बताई जा रही हैं। यहां सुबह करीब 11 बजे तक एक चैम्बर बंद नजर आया और उसके दरवाजे पर बाकायदा ताला लटका हुआ था। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब कार्यालय खुलने का निर्धारित समय हो चुका था, तब संबंधित चैम्बर में ताला क्यों लगा था? क्या संबंधित अधिकारी या कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे?

सरकारी कार्यालय में किसी चैम्बर का निर्धारित समय के बाद भी बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। खासकर तब, जब आम लोग अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलने के लिए कार्यालय पहुंचते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में आम जनता के काम समय पर होने चाहिए। पशुपालन विभाग से जुड़े कामों के लिए ग्रामीण और पशुपालक अक्सर कार्यालय का रुख करते हैं। ऐसे में यदि संबंधित कर्मचारी या अधिकारी समय पर उपलब्ध नहीं हों तो लोगों को अपने काम के लिए इंतजार करना पड़ता है और उन्हें बार-बार कार्यालय का चक्कर भी लगाना पड़ सकता है।

इस पूरे मामले ने विभागीय जवाबदेही और समयबद्ध उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि चैम्बर में ताला किस वजह से लगा था और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी उस समय कहां थे। इस संबंध में विभागीय स्तर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग के वरीय अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या कार्यालय में निर्धारित समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कोई कार्रवाई होगी? क्या यह महज एक दिन की स्थिति थी या कार्यालय में ऐसी लापरवाही नियमित रूप से हो रही है?

फिलहाल कैमरे में कैद तस्वीरों ने सहरसा के पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी कार्यालयों में जनता की सुविधा और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए समय पर उपस्थिति और जिम्मेदारी बेहद अहम है।अब देखना होगा कि विभाग के वरीय अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर क्या कदम उठाते हैं और भविष्य में कार्यालय के सभी चैम्बर निर्धारित समय पर खुलें, इसके लिए किस तरह की व्यवस्था लागू की जाती है।

रिपोर्ट- छोटू सरकार