छपरा सिविल कोर्ट पहुंचे जस्टिस संदीप कुमार: डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण, नए कोर्ट भवन को लेकर न्यायमूर्ति का बड़ा बयान

छपरा कोर्ट का दो दिवसीय निरीक्षण पर सिविल कोर्ट पहुंचे जस्टिस संदीप कुमार- फोटो : Reporter

पटना हाईकोर्ट के निरीक्षी न्यायमूर्ति संदीप कुमार दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को छपरा व्यवहार न्यायालय पहुंचे। उनके आगमन पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग सहित जिले के तमाम न्यायिक पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान न्यायमूर्ति ने पूरे कोर्ट परिसर का जायजा लिया और वहां की बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ न्यायिक कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।


डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण और न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक

निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत न्याय वाटिका परिसर में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा के अनावरण के साथ हुई। इसके पश्चात न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने जिला जज और सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अदालती कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर गहन चर्चा की गई।

बार काउंसिल ने किया भव्य स्वागत, अधिवक्ताओं ने रखीं अपनी समस्याएं

इसके बाद बार काउंसिल, छपरा की ओर से न्यायमूर्ति के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। बार काउंसिल के अध्यक्ष रवि रंजन सिंह और सचिव ने उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने छपरा व्यवहार न्यायालय के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। इसी दौरान अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में बैठने की कमी और जर्जर भवन जैसी बुनियादी समस्याओं को न्यायमूर्ति के समक्ष प्रमुखता से रखा।


नए न्यायालय भवन का आश्वासन: अधिवक्ताओं को मिलेगी बैठने की समुचित जगह

अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने उन्हें जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने घोषणा की कि भविष्य में एक अत्याधुनिक और नए न्यायालय भवन के निर्माण की योजना पर गंभीरता से काम किया जाएगा, जिससे सभी वकीलों को एक ही छत के नीचे बैठने की बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अधिवक्ताओं का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

अनुमंडल न्यायालयों का भी होगा दौरा: व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर

न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि आधुनिक सुविधाएं और बेहतर बुनियादी ढांचा ही न्यायिक प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बना सकते हैं। अपने इस दो दिवसीय दौरे के अगले चरण में वे मढ़ौरा और सोनपुर स्थित अनुमंडल न्यायालयों का भी भौतिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरे को सारण न्यायिक मंडल के इतिहास में अदालती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और न्याय प्रणाली को गति देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छपरा से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट