'अचूक' निशाना: डेहरी में शूटिंग प्रतियोगिता का आगाज, डीजीपी विनय कुमार ने 6 में से 6 गोलियां दागकर सबको चौंकाया

रोहतास के डेहरी में डीजीपी विनय कुमार ने चार दिवसीय पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता का आगाज किया। डीजीपी ने खुद फायरिंग रेंज पर निशाना साधकर अपनी सटीक मारक क्षमता का परिचय दिया और बिहार पुलिस के भविष्य को लेकर बड़ा रोडमैप साझा किया।

Dehri/Sasaram - बिहार के रोहतास जिले के डेहरी से पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने शनिवार को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन किया। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन 'सच्चिदानंद अखौरी पुलिस शूटिंग कंपटीशन' के तहत किया जा रहा है, जिसमें राज्य भर की कुल 23 टीमें अपना दमखम दिखाने के लिए जुटी हैं।

DGP का अचूक निशाना, तालियों से गूंजा परिसर

उद्घाटन के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने न केवल मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई, बल्कि खुद फायरिंग रेंज पर उतरकर अपने पिस्टल से अचूक निशानेबाजी का परिचय भी दिया। उन्होंने अपने टारगेट पर 6 में से 6 सटीक गोलियां दागीं, जिसे देखकर वहां मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। डीजीपी के इस प्रदर्शन ने जवानों के बीच एक नया जोश भर दिया है।

23 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला

इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की 19 वाहिनियों के अलावा कई अन्य प्रमुख इकाइयां हिस्सा ले रही हैं। इनमें सासाराम की महिला सशस्त्र पुलिस, आरा की स्वारोही पुलिस, बाल्मीकिनगर की स्वाभिमान सशस्त्र पुलिस और डुमरांव सैन्य पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के जवान शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से यह आयोजन रुका हुआ था, लेकिन अब इसे निरंतर जारी रखा जाएगा।

बिहार पुलिस में होगा बड़ा बदलाव: 50 हजार प्रशिक्षित जवान

शूटिंग रेंज पर मीडिया से बात करते हुए विनय कुमार ने बिहार पुलिस के भविष्य को लेकर एक बड़ा रोडमैप साझा किया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य के 56 ट्रेनिंग सेंटरों पर 22 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण चल रहा है। इसके अतिरिक्त, जल्द ही 20 हजार नए जवानों की ट्रेनिंग शुरू होने वाली है। आने वाले एक से दो वर्षों में बिहार को लगभग 50 हजार पूरी तरह से प्रशिक्षित पुलिस जवान मिल जाएंगे, जो कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे।

अपराधियों और उग्रवादियों से मुकाबले की तैयारी

डीजीपी ने इस प्रतियोगिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शूटिंग अभ्यास से जवानों में अपराधियों, असामाजिक तत्वों और उग्रवादियों से मुकाबला करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने डेहरी स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-2 (BSAP-2) के प्रशिक्षण मानकों की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ जवानों को उच्च स्तर की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह प्रतियोगिता न केवल कौशल प्रदर्शन का मंच है, बल्कि पुलिस बल की मारक क्षमता को परखने का भी जरिया है।

रिपोर्ट - रंजन कुमार