जनता दरबार में डीएम ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, त्वरित कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश

जनता दरबार में डीएम ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं, त्वरित
डीएम ने लगाया जनता दरबार- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : आम जनता की समस्याओं के त्वरित और ऑन-द-स्पॉट निपटारे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सुपौल समाहरणालय परिसर में जिला स्तरीय जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता खुद जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार ने की। इस दौरान जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों, विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए फरियादियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा। जिलाधिकारी ने पूरे धैर्य के साथ एक-एक कर कुल 32 आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच कर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया।


भूमि विवाद, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की रही बहुलता

जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों ने मुख्य रूप से भूमि विवाद, जमीन का म्यूटेशन (राजस्व मामले), सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने, वृद्धावस्था व सामाजिक सुरक्षा पेंशन, और विभिन्न प्रकार के सरकारी प्रमाण-पत्र निर्गत न होने से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं। जिलाधिकारी सावन कुमार ने आवेदनों की प्रकृति को देखते हुए कहा कि जनता दरबार का मूल उद्देश्य ही यही है कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाया जाए ताकि आम नागरिकों को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।


लापरवाही पर भड़के डीएम, अधिकारियों को दिया समय सीमा का अल्टीमेटम

जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी ने वहां मौजूद सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देशित किया कि जनता द्वारा दिए गए इन आवेदनों को सर्वोच्च प्राथमिकता (टॉप प्रायोरिटी) पर रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ही हर हाल में आवेदकों को राहत प्रदान की जानी चाहिए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या फाइलों को अटका कर रखना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ जटिल मामलों को छोड़कर बाकी सभी शिकायतों पर डीएम ने मौके पर ही अधिकारियों से जवाब तलब कर त्वरित निष्पादन का रास्ता साफ किया।


उप विकास आयुक्त सारा अशरफ समेत कई आला अधिकारी रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय जनता दरबार को प्रभावी बनाने के लिए जिले का पूरा प्रशासनिक अमला समाहरणालय में मुस्तैद रहा। कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सारा अशरफ, अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, गोपनीय शाखा के विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी) अमित कुमार और वरीय उप समाहर्ता मुकेश कुमार सहित बिजली, शिक्षा, पीएचईडी, और कल्याण विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की कॉपियां प्राप्त कीं और जल्द से जल्द उनके निष्पादन का भरोसा दिया।


प्रशासन और जनता के बीच मजबूत संवाद का माध्यम बना जनता दरबार

कार्यक्रम के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने सभी प्राप्त 32 आवेदनों की एक मॉनिटरिंग सूची तैयार करने और उनकी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया ताकि प्रगति की अद्यतन स्थिति से जिला प्रशासन को अवगत कराया जा सके। इस दौरान अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। डीएम सावन कुमार के इस संवेदनशील रुख से जनता दरबार में आए फरियादियों ने काफी संतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से जिला प्रशासन तक अपनी बात सीधे पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम मिलता है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट