'सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं', सम्राट चौधरी की राबड़ी देवी को बड़ी नसीहत, शेखपुरा में खूब गरजे CM

राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। इस मामले में अब सम्राट चौधरी ने बड़ी नसीहत दे दी है

Samrat Chaudhary- फोटो : news4nation

Samrat Chaudhary:  बिहार में राबड़ी देवी सरकारी आवास को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को शेखपुरा में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी बंगला किसी की “बपौती” नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास से इतना मोह हो गया है कि “बेटे के लिए अलग घर चाहिए और मां के लिए अलग घर चाहिए।” उन्होंने कहा कि जनता की चिंता छोड़कर कुछ लोग सिर्फ अपने आवास बचाने में लगे हैं।


सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे कई बार मंत्री रहे और बिहार के गृह मंत्री भी बने, लेकिन हमेशा सीमित जगह में रहे। उन्होंने कहा, “मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो साफ कहा कि बाहर लिख दीजिए यह लोकसेवक का आवास है, किसी की निजी संपत्ति नहीं।” उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 से अब तक वह 11 बार अलग अलग सरकारी आवास बदल चुके हैं। उन्होंने नीतीश कुमार का उदाहरन देते हुए कहा कि वे सीएम पद छोड़े तो बिया किसी नोटिस के अपना बंगला खाली कर चले गए। 


 15 दिनों का अल्टीमेटम

दरअसल, बिहार सरकार ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। भवन निर्माण विभाग की ओर से पहले भी 25 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया।


बताया जा रहा है कि 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रह रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। भवन निर्माण विभाग के मुताबिक, कई बार आग्रह किए जाने के बावजूद अब तक पुराने आवास को खाली नहीं किया गया है। इसी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।


 फोर्स बुलाकर खाली कराएं 

वहीं इस पूरे मामले पर राबड़ी देवी पहले ही साफ कह चुकी हैं कि वे किसी भी कीमत पर 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने कहा था कि सरकार चाहे तो फोर्स बुलाकर बंगला खाली करवा ले। सरकारी आवास को लेकर जारी इस विवाद ने बिहार की राजनीति में नया सियासी ताप बढ़ा दिया है।