पुनौरा धाम पहुँचे सीएम सम्राट चौधरी, हर हाल में दिसंबर 2028 तक जानकी मंदिर निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश
BIhar News : मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण के 10वें दिन ही सम्राट चौधरी सीतामढ़ी के पुनौरा धाम पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री सीतामढ़ी निवासियों को कई सौगात दिए.....
Sitamarhi : जानकी नवमी एवं सीतामढ़ी महोत्सव के गरिमामय अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पुनौरा धाम पधारे। उन्होंने माँ जानकी की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर और उर्विजा कुंड का सूक्ष्म अवलोकन किया। निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए कि मंदिर निर्माण का कार्य हर हाल में दिसंबर 2028 तक पूर्ण कर लिया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को भव्य मंदिर समर्पित किया जा सके।
जिले के नए मेडिकल कॉलेज का नाम होगा 'माँ सीता मेडिकल कॉलेज' : सीएम
मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी वासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि जिले में बन रहे नए मेडिकल अस्पताल का नाम 'माँ सीता मेडिकल कॉलेज' रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल धार्मिक पर्यटन ही नहीं, बल्कि जिले का सर्वांगीण विकास भी है। माँ जानकी के नाम पर स्वास्थ्य संस्थान का नामकरण कर मुख्यमंत्री ने जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाने का संदेश दिया है।
'सीतापुरम' और धार्मिक स्थलों के विकास को मिली गति
अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद ही उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को मंदिर निर्माण की वस्तुस्थिति जानने के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के 10वें दिन ही वे माँ जानकी का आशीर्वाद लेने पुनौरा धाम पहुँचे थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित 'सीतापुरम' योजना को लेकर उन्होंने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में विकास के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे, जिससे माँ जानकी से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों का कायाकल्प संभव हो सके।
राघोपुर बखरी में सैकड़ों वर्ष पुराने मठ के जीर्णोद्धार की रखी आधारशिला
मुख्य कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री डुमरा प्रखंड के राघोपुर बखरी पहुँचे, जहाँ उन्होंने सैकड़ों वर्ष पुराने ऐतिहासिक मठ के जीर्णोद्धार की आधारशिला रखी। इस प्राचीन मठ का पुनरुद्धार रामायण रिसर्च कौंसिल के माध्यम से किया जाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरवशाली अतीत को सहेजना और उसे आधुनिक पर्यटन मानचित्र पर लाना सरकार की प्रतिबद्धता है। इस मठ के जीर्णोद्धार से स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माँ जानकी से जुड़े सभी पवित्र स्थलों को एक सूत्र में जोड़कर विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ इन स्थलों तक पहुँच मार्ग और सौंदर्यीकरण का काम युद्ध स्तर पर होना चाहिए। सरकार का लक्ष्य सीतामढ़ी को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को काम में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने और निर्धारित समय-सीमा का पालन करने की हिदायत दी।
अविनाश कुमार की रिपोर्ट