Bihar News:आंधी बनी काल, पीपल का विशाल पेड़ कच्चे घर पर गिरा, एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत, इलाके में मातम
Bihar News:आधी रात को तेज तूफान के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ कच्चे मकान पर गिर पड़ा, जिसके मलबे में दबकर एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई
Bihar News: बिहार में सोमवार देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचा दी। सीतामढ़ी जिले के रिगा प्रखंड से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। आधी रात को तेज तूफान के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ कच्चे मकान पर गिर पड़ा, जिसके मलबे में दबकर एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
यह दर्दनाक हादसा रिगा प्रखंड के रेवासी गांव स्थित धनुषी टोला में रात करीब 1 से 2 बजे के बीच हुआ। बताया जाता है कि सिकंदर सहनी का परिवार फूस के बने मकान में गहरी नींद में सो रहा था। इसी दौरान तेज हवा के झोंकों से वर्षों पुराना विशाल पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया और सीधे उनके घर पर आ गिरा। हादसा इतना भयावह था कि परिवार के लोगों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।मृतकों में सिकंदर सहनी की 28 वर्षीय पत्नी पूजा देवी, 7 वर्षीय पुत्र राजकुमार, 5 वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी, एक माह का नवजात शिशु तथा परिवार का एक अन्य बच्चा शामिल है। एक ही घर से पांच अर्थियां उठने की खबर ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
हादसे में सिकंदर सहनी का पुत्र वीर बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-1 राजीव कुमार सिंह, रिगा थाना प्रभारी अभिषेक त्रिपाठी तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया तथा मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने घटना को पूरी तरह प्राकृतिक आपदा बताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाएं कितनी निर्मम होती हैं। कुछ ही मिनटों में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया और पीछे छोड़ गया सिर्फ चीखें, सन्नाटा और अपनों को खोने का गहरा दर्द।