Bihar IPS News: एक और आईपीएस अधिकारी ने छोड़ा बिहार, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए 2 सप्ताह में 3 बड़े अफसर
बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारियों का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का सिलसिला जारी है। आईजी राकेश राठी और डीआईजी नवीन चंद्र झा के बाद अब एक और आईपीएस अधिकारी को राज्य सरकार ने विरमित कर दिया है।
बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारियों का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य सरकार ने महज दो दिनों के भीतर दो बड़े अधिकारियों को दिल्ली में नई जिम्मेदारियां संभालने के लिए विरमित (रिलीव) कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आईजी और डीआईजी स्तर के इन अधिकारियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। महज 2 वीक के अन्दर यह तीसरे आईपीएस अधिकारी है. विदित हो कि पूर्व में 10 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक बर्णवाल को भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए हरी झंडी मिल गई है। उन्हें सशस्त्र सीमा बल (SSB) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात किया गया है।
आईजी राकेश राठी बने गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव
2002 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश राठी को 29 अप्रैल को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए विरमित किया गया। राठी वर्तमान में बिहार पुलिस की विशेष शाखा (Special Branch) में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। केंद्र सरकार ने उन्हें गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति पद ग्रहण करने की तिथि से 5 वर्ष या अगले आदेश तक के लिए प्रभावी रहेगी।
डीआईजी नवीन चंद्र झा आईटीबीपी में देंगे सेवा
राकेश राठी के विरमित होने के अगले ही दिन, यानी 30 अप्रैल को, 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी नवीन चंद्र झा को भी राज्य सरकार ने रिलीव कर दिया। नवीन चंद्र झा वर्तमान में बिहार निगरानी ब्यूरो (Vigilance Bureau) में डीआईजी के पद पर तैनात थे। अब वह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, आईटीबीपी (ITBP) में उप महानिरीक्षक के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे। सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से नई भूमिका के लिए विदा कर दिया है।
राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक फेरबदल
एक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों के केंद्रीय सेवाओं में जाने से बिहार में पुलिस प्रशासन के ढांचे में फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। इन अधिकारियों के जाने से रिक्त हुए महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर भी कवायद शुरू हो गई है। राज्य सरकार द्वारा जारी इन अधिसूचनाओं के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी जगह किन नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाती है ताकि प्रशासन और निगरानी कार्यों में निरंतरता बनी रहे।